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Amroha News: 40 दिन हुई सुनवाई और मिल गया बेटी को इंसाफ

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अमरोहा। पिता-पुत्री के रिश्ते को शर्मसार करने वाले दोषी को उम्रकैद की सजा दिलाने में पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल किए गए 98 पेज के आरोप पत्र ने अहम भूमिका निभाई। अदालत ने इस मामले में 26 पेज का आदेश जारी किया है। अदालत ने 40 दिनों में करीब 26 घंटे सुनवाई की। सुनवाई के आखिरी दिन (10 अप्रैल) को सिर्फ आधे घंटे में पीड़ित बेटी को इंसाफ और दुष्कर्मी को सजा के मुकाम तक पहुंचा दिया। विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने बताया कि दोषी ने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करते हुए समाज की दृष्टि से गंभीर अपराध किया था। इस मामले में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने 3 जनवरी 2023 को दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। केस दर्ज होने से लेकर सजा के एलान तक पुलिस और न्यायिक कार्रवाई करीब तीन महीने में दिन में पूरी हुई। मुकदमे के विवेचक ने छह दिनों के भीतर 98 पेज का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इसके बाद 2 मार्च 2023 को मुकदमा न्यायालय में चार्ज पर आया। पीड़ित बेटी के अलावा सात गवाहों ने न्यायालय ने अपने बयान दर्ज कराए। 10 अप्रैल तक न्यायालय ने मुकदमे में करीब 26 घंटे सुनवाई की और बचाव तथा अभियोजन पक्षों को सुना। इसके बाद सोमवार को न्यायालय ने आखिरी सुनवाई करते हुए साक्ष्य और सबूत के आधार पर केवल 30 मिनट में दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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महिला संबंधित अपराधों में त्वरित की जा रही कार्रवाई
एसपी आदित्य लांग्हे के बताया कि मिशन शक्ति के तहत जिले भर में कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एंटी रोमियो टीम शहर-कस्बों और भीड़भाड़ वाले इलाकों और कालेजों के बाहर घूमने वाले मनचलों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पिछले कुछ दिन में सैकड़ों मनचलों को सबक सिखाया गया। इसमें कई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई। इसी क्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ कपिला राघव की अदालत ने 20 जून 2022 को अपहरण कर सात साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को न्यायालय ने 29 दिन के भीतर पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इससे पहले न्यायालय ने 13 मई 2022 को तेरह दिन के भीतर पांच साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई और साथ ही 23 हजार का जुर्माना लगाया था। जबकि 28 जून 2022 को नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को केवल छह दिन के भीतर सजा सुनाई और जुर्माना लगाया गया। एसपी के मुताबिक मिशन शक्ति के तहत बेटियों न्याय दिलाने के लिए पुलिस तत्पर है। इसक्रम में महिला संबंधित अपराधों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जल्द से जल्द विवेचनाओं को पूरी कर अभियोजन के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोषियों को सजा दिलाई जा रही है।
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