अमरोहा। नौगावां सादात कस्बे में करीब 37 साल पहले शिया और सुन्नी समुदाय के बीच हुए भीषण टकराव और थाने में हुए बवाल से जुड़े चर्चित प्रकरण की सुनवाई 13 जून को न्यायालय में होगी, जहां दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की जाएंगी। इस घटना की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं।
यह सनसनीखेज घटना 17 अगस्त 1989 की है। नौगावां सादात में टेंपो स्टैंड के स्थानांतरण को लेकर दोनों समुदायों के बीच विवाद गहरा गया था। शिया समुदाय द्वारा टेंपो स्टैंड को नई बस्ती से हटाकर मोहल्ला बुध बाजार में स्थानांतरित किए जाने का सुन्नी पक्ष ने कड़ा विरोध किया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया था।
बताया जाता है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत चल रही थी, तभी अचानक स्थिति बिगड़ गई। शिया समुदाय की बड़ी भीड़ थाने के बाहर एकत्र हो गई और नारेबाजी करने लगी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद आरोप है कि भीड़ ने सुन्नी पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया और मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते थाने परिसर और आसपास का क्षेत्र हिंसा की चपेट में आ गया।
इस दौरान भीड़ द्वारा पुलिस और प्रशासनिक वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया तथा एक दरोगा की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लाठीचार्ज का आदेश दिया। इसके बाद भीड़ की ओर से फायरिंग शुरू हो गई, जिस पर पुलिस और पीएसी ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।
इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिससे हालात और गंभीर हो गए थे। मामले में शिया पक्ष के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। बाद में तत्कालीन चेयरमैन समेत करीब 65 लोगों को आरोपी बनाकर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ट ने जानकारी दी कि मामले की अगली सुनवाई 13 जून को निर्धारित है।