अमरोहा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। करीब एक माह से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके हैं। इससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और दवाओं के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। सीएचओ मरीजों की जांच के साथ जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराते हैं, लेकिन कार्य बहिष्कार से यह व्यवस्था ठप है।
सीएचओ मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की बात कह रहे हैं। जिलाध्यक्ष कमलदीप शर्मा ने मांग की कि सीएचओ का अलग कैडर बनाकर नियमितीकरण की स्पष्ट नीति तैयार की जाए। आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार मानदेय दिया जाए और पीबीआई को मासिक मानदेय में शामिल किया जाए। इसके अलावा नियमित भर्तियों में अनुभव के आधार पर वरीयता देने और रिक्त पदों पर स्थानांतरण की मांग भी उठाई गई है।
टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए गांवों में लगेंगे कैंप
अमरोहा। कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित टीकाकरण अभियान को दोबारा गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग कार्ययोजना तैयार कर रहा है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों का छूटा टीकाकरण पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए एएनएम को गांवों में कैंप लगाकर बच्चों की उम्र के अनुसार टीके लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि हड़ताल समाप्त होने के बाद टीकाकरण शुरू हो चुका है। सभी एएनएम को बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं।