अमरोहा। अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में कमी लाने की जंग में आंगनबाड़ी केंद्र नाकाम साबित हो रहे हैं। दो महीने में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि सरकार बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए तमाम कवायद कर रही है। जुलाई से सितंबर के बीच अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में चार गुना तक इजाफा हुआ है। धनौरा में चार गुना, जबकि शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों में ढाई गुना से अधिक अतिकुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए हैं। यह सभी लाल श्रेणी में हैं।
जिले में 1434 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें कुल 1,68,830 बच्चों का वजन किया गया है, जिसमें कुपोषित बच्चों की संख्या 1,52,843 बच्चे जबकि अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 3363 है। बाल विकास और पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। यहां पर बच्चों को पुष्टाहार दिया जाता है ताकि बच्चे सेहतमंद रहें, लेकिन महकमे की तमाम कवायद असर नहीं दिखा रही है। जुलाई और अगस्त के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जिले के ब्लॉकों में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में कई गुना तक बढ़ोतरी हुई है। दरअसल अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में कमी को लेकर सरकार चिंतित है। ऐसा माना जाता है कि अतिकुपोषण से बच्चे कमजोर हो जाते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इससे वह कई बीमारियों में फंस जाते हैं।
अतिकुपोषित बच्चों की संख्या
ब्लॉक जुलाई सितंबर
धनौरा 124 526
शहर अमरोहा 140 406
हसनपुर 457 576
जोया 343 647
अमरोहा 247 526
गजरौला 238 512
गंगेश्वरी 168 168
जिले में लगभग दो गुना बढ़ोतरी
अमरोहा। अतिकुपोषित बच्चों की संख्या जुलाई में 1717 रही है जबकि सितंबर में लगभग दो गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। इस बार कुल 3363 बच्चे चिह्नित किए गए हैं।
कुपोषित बच्चों की संख्या में भी इजाफा
अमरोहा। बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने जुलाई में 10529 कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन किया था। सितंबर में दो हजार से अधिक बच्चे बढ़ गए हैं। सितंबर में 12624 बच्चे चिह्नित हुए हैं।
जिले में कुपोषण नियंत्रित है। आंकड़ों को एकत्र करने में गड़बड़ी होने की आशंका है। दरअसल अभियान के दौरान सभी बच्चों को शामिल किया जाता है। ऐसा संभव है इसमें अस्थाई बच्चे भी जोड़ दिए गए हो।
- संजीव सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी