अमरोहा। संपत्ति के लिए मौत के घाट उतारे गए सराफ पिता-पुत्री के लिए शुद्धि पूजन हवन आर्य समाज मंदिर में किया गया। इस दौरान हत्यारोपी बेटे इशांक के ससुराल वाले नहीं पहुंच और न ही उन्होंने सराफ के पौत्र को ही भेजा। सराफ के साले ने इशांक के ससुरालवालों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुलिस से शिकायत की है।
संपत्ति के लिए सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी बेटी सृष्टि की हत्या के बाद उनके हत्यारोपी बेटे इशांक अग्रवाल और उसकी पत्नी मानसी अग्रवाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार का जेल भेजा गया है। तीनों जेल में बंद हैं। तभी से हत्यारोपी इशांक के ससुराल वाले घर का ताला लगाकर चाबी अपने साथ ले गए। जिस कारण घर में हिंदू रिवाज के अनुसार होने वाली रस्म अदायगी की भी नहीं हो सकी। मृतक सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल के भैया-भतीजे और साले ने हत्यारोपी इशांक के ससुराल वालों को फोन करके घर में शुद्ध करने के लिए कहा था। आरोप है कि उन्होंने आने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं मृतक सराफ के दस वर्षीय पोते आयुष को भी नहीं भेजा। ऐसी स्थिति में परिवार के लोगों ने बृहस्पतिवार को आर्य समाज मंदिर में हवन पूजन के साथ रस्म अदायगी की।
वहीं, मृतक सराफ के साले अतुल गर्ग ने हत्यारोपी इशांक अग्रवाल के ससुराल वालों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इशांक ने संपत्ति के लिए दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। अब उसके ससुराल वाले संपत्ति के लिए ये सब कर रहे हैं। मालूम रहे कि दस फरवरी की रात सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी बेटी सृष्टि की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दावा किया है कि इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम संपत्ति के लिए योगेश के इकलौते बेटे इशांक अग्रवाल ने अपनी पत्नी मानसी और नौकर अनिल गंगवार के साथ मिलकर दिया था।