शमी और उनके भाई के चुनाव लड़ने की खबर
बीते रविवार को शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव में शमी अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य के चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं। शमी के साथ उनके भाई हसीब के नाम की भी चर्चा है, हालांकि अभी किसी की उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
हसीन जहां ने फोन पर की अमर उजाला से बात
इसी बीच हसीन जहां के अमरोहा में बढ़े प्रवास को भी राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। गुरुवार को फोन पर बातचीत के दौरान हसीन जहां ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए स्पष्ट किया है कि शमी या हसीब के चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में वह उनके सामने मुकाबला करेंगी। हालांकि उनके किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या किसी सीट से चुनाव लड़ने को लेकर अभी औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
सपा के महबूब अली 2002 से जीत रहे यहां
मालूम रहे कि अमरोहा सदर सीट पर सपा के महबूब अली 2002 से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं। वर्ष 2022 में उन्हें 128735 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के राम सिंह को 57699 वोट मिले थे। ऐसे में शमी परिवार के संभावित सियासी पदार्पण के साथ अब हसीन जहां के बयान ने भी अमरोहा की चुनावी चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है।
आठ साल से अलग रह रहे हसीन जहां और शमी
करीब आठ वर्ष से क्रिकेटर मोहम्मद शमी और हसीन जहां अलग-अलग रह रहे हैं। मार्च 2018 में हसीन जहां ने शमी पर विवाहेतर संबंध समेत कई आरोप लगाए थे। उन्होंने शमी और उनके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद सार्वजनिक हो गया और सोशल मीडिया पर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। इसी दौरान शमी पर मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि, इस मामले में हुई जांच के बाद शमी पर लगे मैच फिक्सिंग के आरोप निराधार पाए गए। विवाद के बाद से शमी और हसीन जहां अलग-अलग रह रहे हैं। दोनों के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। विवादों के बाद से हसीन जहां का अमरोहा से भी जुड़ाव रहा है और वह समय-समय पर यहां आती-जाती रही हैं। अब उनके चुनाव लड़ने की इच्छा जताने के बाद शमी से जुड़े पुराने विवाद भी फिर चर्चा में आ गए हैं।