अमरोहा/हसनपुर। प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में हसनपुर गजरौला की चीनी मिल की क्षमता वृद्धि एवं विस्तारीकरण की व्यवस्था की गई है। जिससे क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। सहकारी चीनी मिल गजरौला की पेराई क्षमता 2500 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 4900 टन प्रतिदिन की जाएगी। इस मिल में सल्फरलेस रिफाइंड चीनी का उत्पादन करते हुए एक लाख लीटर प्रतिदिन एथनॉल उत्पादन क्षमता की डिस्टलरी और कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 26 अप्रैल 2018 को हसनपुर में आयोजित जनसभा के दौरान हसनपुर चीनी मिल के विस्तार कार्यक्रम की घोषणा की थी। विधायक महेन्द्र खड़कवंशी का कहना है कि चीनी मिल का विस्तारीकरण कराया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से किसानों को लाभ पहुंचेगा। सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। विस्तारीकरण के लिए कार्यदायी संस्था के चयन के संबंध में संघ स्तर पर निवेदन भी आमंत्रित की जा चुकी हैं। शीघ्र संघ द्वारा कराए संस्था का चयन किया जाएगा और विस्तारीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बजट में इसे शामिल किया गया है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा का कहना है कि चीनी मिल का विस्तारीकरण होने से इसका लाभ किसानों को मिलेगा। पर्याप्त मात्रा में गन्ना पर्ची नहीं मिलने की वजह से परेशान होकर किसान ओने पौने दामों में गन्ने को कोल्हू पर बेचने को मजबूर होते हैं। भाकियू शंकर के तहसील अध्यक्ष देवेंद्र सैनी का कहना है कि लेकिन जब चीनी मिल की पेराई क्षमता दोगुनी हो जाएगी तो किसानों को भरपूर मात्रा में गन्ने की पर्चियां मुहैया हो सकेंगी। जिससे कि वह अपने खेत का सारा गन्ना समय से चीनी मिल पर आपूर्ति कर सकेगा। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक राहुल यादव का कहना है कि जल्द ही चीनी मिल का विस्तारीकरण का कार्य शुरू होने वाला है। विस्तारीकरण होने के बाद इसका सबसे ज्यादा लाभ किसानों को फायदा पहुंचेगा।