हसनपुर। आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव गुरैठा खादर में जमीन के लालच में इकलौते बेटे द्वारा फावड़े से पिता की हत्या ने एक बार फिर हसनपुर को रिश्तों के कत्ल के लिए चर्चा में ला दिया है। इससे पहले भी क्षेत्र में अपनों की हत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं।
14 अप्रैल 2008 को बावनखेड़ी में शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ पिता शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस, राशिद, भाभी अंजुम, भांजी राबिया और 11 माह के भतीजे अर्श की गला रेतकर हत्या कर दी थी। यह घटना देश-विदेश में सुर्खियों में रही।
19 नवंबर 2018 को रामपुर भूड़ में जुए में रुपये हारने के बाद पत्नी की नाराजगी से गुस्साए पदम सिंह ने खेत में 35 वर्षीय पत्नी की गर्दन काट दी और थाने पहुंच गया। जुलाई 2019 में जयतौली में जेठ ने छोटे भाई की पत्नी के साथ मिलकर समरपाल की हत्या कर शव गन्ने के खेत में छिपा दिया।
9 अगस्त 2020 को दढ़ियाल में पति ने शक में पत्नी की गला काटकर हत्या की। 26 अगस्त को इरम की गोली मारकर हत्या हुई और ससुरालियों पर केस दर्ज हुआ। 27 अगस्त को सोहरका में पत्नी ने जेठ व रिश्तेदार के साथ पति की गला दबाकर हत्या कर दी। 10 अक्तूबर को खरसौली में भाई ने भाई की हत्या कर दी।
जून 2021 में जेबड़ा में जमीनी रंजिश में सतपाल ने दरांती से अपने बुजुर्ग पिता की गर्दन काटकर हत्या कर दी। 4 मई 2025 की रात भी बेटे ने फावड़े से पिता की हत्या की थी। अब 12 सितंबर को आदमपुर के कोकापुर में ऋषिपाल द्वारा छह लाख रुपये की सुपारी देकर भाई जोगेंद्र की हत्या कराने का मामला सामने आया है। संवाद