हरियाणा की गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच करने की शिकायत मिलने पर जनपद रोहतक व झज्जर के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस को साथ लेकर नगर के एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा। हरियाणा की स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां की एक गर्भवती महिला को जांच के लिए अपने साथ लाई थी। हरियाणा की टीम जनपद के स्वास्थ्य विभाग की टीम का इंतजार कर रही थी। हरियाणा पुलिस ने सेंटर पर लगे सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में ली है।
जनपद रोहतक के सरकारी अस्पताल के डॉ.विकास सैनी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायत मिल रही थी कि हरियाणा की गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच उत्तर प्रदेश में की जा रही है। टीम ने इसकी धरपकड़ के लिए सोनीपत के गोहाना निवासी एक एजेंट से संपर्क साधा। एजेंट ने भ्रूण लिंग की जांच कराने के नाम पर 35 हजार रुपये की मांग की। टीम ने उसको 35 हजार रुपये दिए और एक गर्भवती महिला को लेकर नगर के गणेश आश्रम के सामने स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर लेकर आ गई। जैसे ही सेंटर पर महिला के भ्रूण लिंग की जांच शुरू हुई। वहां तैनात हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मार दिया।
डॉ. विकास ने बताया कि भ्रूण लिंग की जांच करने वाला व्यक्ति पोर्टेबल मशीन लेकर भीतर वाले कमरे से होकर फरार हो गया। टीम ने उसकी धरपकड़ के लिए दबिश भी दी। सेंटर पर लगे सीसीटीवी की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। डा. विकास ने बताया कि नगर में शेरपुर रोड पर क्लीनिक चलाने वाला एक चिकित्सक ने भी एजेंट से छह हजार रुपये कमीशन के लिए हैं। अमरोहा के मुख्य चिकित्साधिकारी को सूचित कर दिया गया है। हालांकि सूचना के दो घंटे के बाद भी अमरोहा से टीम यहां नहीं आई थी। इस मौके पर डॉ. विशाल चौधरी, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. शैलेंद्र डोगरा मौजूद थे।
हरियाणा के जनपद रोहतक के सरकारी चिकित्सक डा. विकास सैनी का कहना था कि हरियाणा में भ्रूण लिंग की जांच पर पूरी तरह प्रतिबंध है। वहां के एजेंट भ्रूण लिंग की जांच के लिए उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। उनका कहना था कि कभी कन्या भ्रूण हत्या के लिए बदनाम हरियाणा की लड़कियां ही खेलों के साथ अन्य क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। हरियाणा की टीम ने जनपद की सरकारी मशीनरी की हीलाहवाली पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वे सवेरे आठ बजे से धनौरा क्षेत्र में हैं। जनपद अमरोहा के अधिकारियों को हरियाणा के अधिकारियों की ओर से सूचना के बावजूद कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है।