पिता की प्रेरणा से पाया क्रिकेटर बनने का मुकाम
मेरे पिता दिवंगत तौसीफ अहमद को क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। वह बॉलिंग किया करते थे। मैंने उन्हें खेलते देखा तो मन में क्रिकेट खेलने की उत्सुकता आई। उन्हें देखकर बॉलिंग की शुरुआत की। पिताजी ने उन्हें गुरु की तरह बॉलिंग के गुरु सिखाएं। गांव में ही उन्होंने खेलने की शुरुआत की, तो बॉलिंग की कला भी उन्हीं से सीखी। उनका कहना था कि यदि मेहनत करोगे तो एक दिन देश के लिए भी खेल सकेगो। उन्होंने हिम्मत और हौसला बढ़ाया। जिसके बाद मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सही मायने में मेरे पिता ही मेरे गुरु हैं। जिन्होंने क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरणा दी। वहीं, बड़े भाई हसीब शमी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े रहे। - मोहम्मद शमी, भारतीय क्रिकेटर।
गुरुजनों से प्रेरणा लेकर पहले ही प्रयास में एसडीएम बनीं निधी
हसनपुर के छोटे से गांव नया गांव से निकलकर लोक सेवा आयोग 2023 की परीक्षा में सफलता मिलना सपने जैसा था। विपरीत परिस्थितियों से निकलकर राह आसान बनाने में हमेशा ही गुरुजनों ने प्रेरणा दी। प्रथम गुरु प्रमोद नागर, शिक्षिका सविता, शिक्षक सतेंद्र त्यागी, शिक्षिका अनीता शर्मा ने आगे बढ़ने में मदद की। शुरू में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान गुरुओं से प्राप्त प्रेरणा मिली। एसडीएम बनने के पीछे सभी गुरुजनों का अहम योगदान रहा है। कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, कक्षा 10 शिक्षा भारती इंटर काॅलेज रहरा व 12वीं की परीक्षा बिहारी सिंह कन्या इंटर काॅलेज रहरा से पास की। सभी शिक्षकों ने मार्ग दर्शन किया। निधि, एसडीएम।
डिप्टी डायरेक्टर को माना रोल मॉडल, मिला मार्ग दर्शन
धनौरा के गांव शहजादपुर से निकलकर बीएसए के पद तक पहुंचना बिना मार्ग दर्शन के संभव नहीं है। प्रारंभिक शिक्षा धनौरा क्षेत्र में हासिल करने के बाद कुछ कर गुजरने की चाह ने आगे बढ़ाया। शिक्षकों में निधि टंडन व गोपाल तिवारी ने प्रेरणा दी। जिसके बाद शिक्षिका बनने की ठान ली। लेकिन, चाह कुछ आगे बढ़ने की थी। पीईएस की परीक्षा पास की। जिसके बाद बीएसए के पद पर बलरामपुर जिले में तैनाती पाई। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र लखनऊ कोचिंग की डिप्टी डायरेक्टर सुनीता यादव रोल मॉडल रहीं। तैयारी के दौरान उन्होंने हर पड़ाव पर कुशल मार्गदर्शन दिया। फिलहाल मुरादाबाद के कांठ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रक्षिण संस्थान में वरिष्ठ प्रवक्ता के पद पर तैनाती है। कल्पना, वरिष्ठ प्रवक्ता।
गुरु सतीश रस्तोगी ने दिखाई वैज्ञानिक बनने की राह
अमरोहा नगर के मोहल्ले चाहगोरी से निकलकर वैज्ञानिक बनने का सफर यूं तो बहुत आसान नहीं रहा, लेकिन गुरु जी सतीश रस्तोगी उनके लिए प्रेरणा बनकर खड़े रहे। अमरोहा के श्री राम इंटर कॉलेज कक्षा 12 तक की पढ़ाई के दौरान सतीश रस्तोगी जी ने कभी भी पीछे मुड़कर न देखने की प्रेरणा दी। सपना था कि वैज्ञानिक बनकर देशसेवा करें, जो पूरा हुआ। इस सपने को पूरा कराने में गुरु जी का बहुत योगदान रहा है। वैसे माता-पिता ने भी हमेशा साथ दिया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। खुशबू मिर्जा वैज्ञानिक।