विजय नगर मोहल्ला निवासी सरदार गुरुमुख सिंह चाहल की आंखों से किसी नेत्रहीन की जिंदगी रोशन होगी। 66 वर्षीय गुरुमुख सिंह का हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनसे पहले चाचा, चाची और ताऊ ने भी नेत्रदान किया था। एक ही परिवार के चार सदस्यों द्वारा नेत्रदान किए जाने का यह अलग उदाहरण है। जिसकी लोग सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि दुनिया छो़ड़ने के बावजूद लोगों की याद में जीवित हैं। उनसे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
मूलरूप से गजरौला ब्लॉक के छींतरा गांव निवासी सरदार गुरुमुख सिंह चाहल बीते कई दशक से परिवार सहित गजरौला के विजय नगर मोहल्ले में रहते थे। उनके चचेरे भाई सरदार पुसविंदर सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार रात 11 बजे उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उनको सीएचसी ले गए, जहां पर चिकित्सक ने देखते ही उनको हार्ट अटैक से मौत होने की पुष्टि कर दी। चचेरे भाई के मुताबिक मौत के बाद वह नेत्रदान के लिए कहते थे। इसलिए परिजन नेत्रदान के लिए जुट गए। उनको सीएल गुप्ता में ले जाया गया। जहां पर तमाम औपचारिकता पूर्ण कराने के बाद रात में उनके नेत्रदान कराए गए। शुक्रवार सुबह उनका तिगरी में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उनके परिवार में गुरुमुख सिंह चाहल से पहले तीन सदस्यों ने नेत्रदान किया। उनके दो चाचा रामचरन सिंह और निर्भय सिंह ने 2018 में नेत्रदान किया था। दोनों भाइयों की कुछ दिन आगे पीछे मौत हो गई। उनकी इच्छा के अनुसार नेत्रदान कराया गया था। दो जून 2023 को पुसविंदर सिंह की माता रमेश कौर का हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनका भी परिजनों ने सीएल गुप्ता में नेत्रदान कराया। पुसविंदर सिंह कहते हैं कि उनके परिवार में नेत्रदान की परंपरा है। उनके माता-पिता, ताऊ और तहेरे भाई ने नेत्रदान किया है।
कमिश्नर ने की परिवार की सराहना
गजरौला। मुरादाबाद के सीएल गुप्ता के आंखों के अस्पताल में बीते 14 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मंडलायुक्त मुख्य अतिथि थे। अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुरुविंदर सिंह ने मंच से परिवार की सराहना करते हुए कहा था कि यह परिवार पूरे मंडल में नेत्रदान करने में अलग पहचान बनाए हुए है। परिवार के दानवीर सदस्यों से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। मंडलायुक्त से भी परिचय कराया गया था।