निजीकरण के विरोध में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखाओं के कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल की। कर्मचारियों ने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं कर्मचारियों ने छह सूत्री ज्ञापन सचिव वित्तीय बैंकिग विभाग को संबोधित ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपकर समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की।
प्रथमा ग्रामीण बैंक शाखाओं पर शुक्रवार को ताले लटकाकर तमाम कर्मचारी व अधिकारी आजाद मार्ग स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक के कार्यालय पर जमा हुए। कर्मचारियों निजीकरण के विरोध में नारे लगाए और प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल चिकारा ने कहा कि ग्रामीण बैंकों का निजीकरण किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार ग्रामीण बैंकों का आइपीओ जारी न करें। पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। ग्रामीण बैंकों में भी राष्ट्रीयकृत बैंकों के समान समस्त सुविधाएं एवं भत्ते लागू किए जाएं। भारतीय स्तर पर भारतीय ग्रामीण बैंक की स्थापना की जाए। प्रदर्शन के उपरांत अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक अनुज कुमार को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से कैलाश राज, जयवीर सिंह, अंकुर चौधरी, मोहन सिंह, सचिन फौजी, गजराज सिंह, अंकुश कुमार, दीपक सक्सैना, भगवंत सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
प्रथमा बैंक के कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल थी। सभी बैंक बंद रहे हैं। अब दो दिन शनिवार व रविवार को बैंकों में अवकाश रहेगा। इसलिए बैंक सोमवार को अपने निर्धारित समय दस बजे खुलेंगे। हड़ताल से तकरीबन 40 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
- अनुज कुमार मांगलिक, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक