अमरोहा। गांव नसीर नंगला में मनरेगा कार्यों में भुगतान में अनियिमितता बरती गईं। मंडी धनौरा ब्लाॅक कार्यालय पर न आना और स्थानांतरण के बाद भी अभिलेख न देने पर ग्राम पंचायत सचिव सुमित को निलंबित कर दिया गया है। अब उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
परियोजना निदेशक अम्बरीश कुमार ने बताया कि अमरोहा ब्लाक के गांव नसीर नंगला में मनरेगा के तहत कार्य कराए गए। उस समय सुमित वहां पर ग्राम सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने गलत तरीके से भुगतान किया। इसके अलावा मंडी धनौरा के बीडीओ ने रिपोर्ट भेजी कि यह कार्यालय नहीं आते है और वेतन रोक दिया गया।
अमरोहा बीडीओ ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह लापरवाही करता है और स्थानांतरण के बाद भी ग्राम पंचायत से संबंधित अभिलेखों को नहीं दिया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा ग्राम पंचायत सचिव ने एक सफाई कर्मी के नाम पर फर्जी तरीके से पैसे निकाल लिए। इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सचिव सुमित को निलंबित किया गया है। नसीर नंगला मामले में अभी रोजगार सेव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है लेकिन अभी तक इसके खिलाफ नहीं हुई। अब रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में बीडीओ अमरोहा नीरज गर्ग को जांच अधिकारी बनाया गया है।