अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी का झांसा देकर गजरौला के परिवार से दो युवकों ने पांच लाख रुपये हड़प लिए। बाद में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। जिस पर 22 हजार रुपये प्रतिमाह सैलेरी लिखी हुई थी। लेकिन हकीकत में वह लेटर फर्जी था। मामले में पीड़िता की शिकायत पर रजबपुर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गजरौला के मोहल्ला शिवपुरी में चंदन सिंह का परिवार रहता है। चंदन सिंह परचून की दुकान चलाते हैं। पड़ोस के गांव हैबतपुर गोसाई थाना रजबपुर के रहने वाले करन सिंह का चंदन सिंह के पास आना जाना था। चंदन सिंह की बेटी कुमारी साक्षी नौकरी की तलाश में थी। तभी करन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। नौकरी दिलाने के एवज में पांच लाख रुपये तय किए थे। लिहाजा चंदन सिंह ने एडवांस के तौर पर दो लाख रुपये दे दिए थे। जबकि बाकी तीन लाख रुपये भैंस और सोने के जेवरात बेचकर नगद दिए थे। इस दौरान करन सिंह ने अपने साथी त्रिलोक निवासी फतेहपुर छितरा थाना गजरौला के साथ साक्षी का फार्म भरकर ले गए और बाद में संजय गांधी स्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान का ज्वाइनिंग लेटर लेकर दे दिया। ज्वाइनिंग लेटर पर 22 हजार रुपये सैलरी लिखी हुई थी। जिसके बाद आरोपी साक्षी और उसके ममेरे भाई सुमित को अपने साथ लखनऊ ले गए और ट्रेनिंग होने की बात कही। आरोपियों ने दोनों भाई बहन को किसी होटल में रोका। लेकिन कोई ट्रेनिंग नहीं हुई। धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित परिवार के लोगों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया। 26 फरवरी 2022 को साक्षी के पिता, मामा और ममेरा भाई सुमित आरोपी के गांव रुपये मांगने पहुंचे तो वह भड़क गया। गाली गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर आरोपी करन सिंह और त्रिलोक सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी और गाली गलौज करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।