अमरोहा। सत्र शुरू होने के एक माह बाद भी परिषदीय स्कूलों के बच्चों के हाथों में किताबें नहीं पहुंच पाई हैं, जिसके चलते बच्चे बिन किताबों के ही पढ़ रहे हैं, जबकि अब सत्र परीक्षा शुरू होने जा रही है। ऐसे हालात में बच्चे क्या परीक्षा देंगे? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूल के बच्चों को सरकार की ओर से मुफ्त किताबें बांटी जाती हैं। इसके साथ ही यूनिफार्म भी बांटी जाती है। यूनिफार्म का वितरण तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन किताबें अभी तक नहीं पहुंची है।
किताबों का वितरण यूं तो सत्र शुरू होने से पहले ही हो जाना चाहिए था,लेकिन विभाग के पास ही मुफ्त में बांटी जाने वाली किताबें ही नहीं पहुंच पाईं, जिसकी वजह से स्कूलों में पढ़ाई तो कराई जा रही है, लेकिन गंभीर बात यह है कि जुलाई बीत गई और अगस्त भी शुरू हो गई, लेकिन किताबों का दूर-दूर तक पता नहीं चल पाया।
शिक्षक भी पुरानी किताबों के सहारे ही बच्चों की पढ़ाई कराकर औपचारिकता निभा रहे हैं। अब जबकि सत्र परीक्षा कराए जाने की तैयारी हो रही है ऐसे में सवाल यह होता है कि परीक्षा में बच्चे क्या लिखेंगे और पढ़ेंगे। यानी सत्र परीक्षा भी बिना किताबों के ही हो जाएगी। किताबें दिलाने को लेकर हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने स्तर से शासन को लिख दिया है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
प्रकाशकों को रिमाइंडर
बेसिक शिक्षाधिकारी ने नोएडा व मथुरा के तीन पुस्तक प्रकाशकों को नोटिस जारी किया है। प्रकाशकों को जल्द किताबें भेजने को कहा है। इसको लेकर चेतावनी भी जारी की गई है।
किताबों की सप्लाई नहीं आई है। किताबें दिलाने के लिए कोशिश की जा रही है। जल्द ही बच्चों को किताबें बांटी जा रही हैं। शमीम खानम, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी