भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी के नेतृत्व में किसान इकट्ठा होकर कलक्ट्रेट पहुंचे और मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय वादा किया था कि निजी नलकूपों के बिजली बिलों में 50 फीसदी कटौती करेंगे। साथ ही निजी नलकूपों के संबंध में किसानों को मुफ्त बिजली देने को कहा था। हालांकि किसानों को लुभाने के लिए मुफ्त बिजली की घोषणा मात्र छलावा साबित हो रही है। क्योंकि एक ओर जहां मुफ्त बिजली देने की घोषणा की गई थी। वहीं दूसरी ओर निजी नलकूपों पर मीटर लगाए जा रहे हैं। साथ ही ट्रांसफार्मर बदलवाने पर मीटर लगाए जाने की शर्त थोपना किसानों के साथ अन्याय है।
1912 पर कॉल करने पर कॉल अग्रेषित करके आपातकालीन नंबर 112 पर कनेक्ट कर दी जाती हैं और फिर कुछ देर बाद लाईने व्यस्त बताकर कॉल काट दी जाती है। किसानों ने आरोप लगाया कि समस्या का निस्तारण तो दूर की बात है समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। बिजली की उपलब्धता सिर्फ कागजों पर है। 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करने वाली भाजपा सरकार में अघोषित बिजली कटौती के चलते फसलें सूख रही हैं। इस दौरान जगदेव सिंह, चौधरी चरन सिंह, विजय पाल सिंह मौर्या, रिंकू सागर, आशिफ अली, सोनू यादव, फरमान सैफी, महताब चौधरी, शकील एडवोकेट मौजूद रहे।