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Amroha News: बा विद्यालय और राजकीय कॉलेजों की छात्राओं की होगी हीमोग्लोबिन की जांच

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अमरोहा। जिले की महिलाएं और किशोरियों खून की कमी से जूझ रही हैं। पिछले दिनों बड़ी संख्या में महिलाएं और किशोरियों में खून की मात्रा सात ग्राम प्रति डेसीलीटर से भी कम पाई गई थी। इससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अब स्वास्थ्य विभाग जिले के कस्तूरबा विद्यालय और राजकीय इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के हीमोग्लोबिन की जांच करेगा। इसके लिए सीएमओ के निर्देश पर छह टीमें गठित की गई हैं। मंगलवार से स्कूलों में कैंप लगाकर छात्राओं के हिमोग्लोबिन चेक किया जाएगा।
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25 लाख की आबादी वाले अमरोहा जिले में लगातार महिलाओं और युवतियों में खून की कमी देखी जा रही है। बीते एक साल में करीब 10,838 से ज्यादा महिला और किशोरियों में खून की कमी पाई गई थी। इसमें 3211 महिला, 3411 किशोरियां और 4216 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं। इन महिलाओं व किशोरियों में सिर्फ छह से सात ग्राम प्रति डेसीलीटर खून पाया गया था। इसका मुख्य कारण आयरन की कमी और पोषणयुक्त आहार नहीं मिलना सामने आया है।
एसएमओ डॉ. योंगेद्र सिंह ने बताया कि एनीमिया से पीड़ित मिलीं महिलाएं एवं किशोरियों को नियमित उपचार की सलाह के साथ जागरूक किया जा रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना खून की कमी के मरीज आते हैं, जिनको दवाई दी जाती है। उचित खानपान से खून की कमी दूर हो सकती है। लेकिन अब मंगलवार से जिले के कस्तूरबा विद्यालय और राजकीय कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की हीमोग्लोबिन की जांच कराई जाएगी। इसके लिए छह टीमें बनाई गई है। इसका उद्देश्य किशोरियों में हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करना है।
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पिछले चार साल से लगातार बढ़ रहा आंकड़ा
जिले में पिछले चार वर्षों में गर्भवतियों में खून की कमी का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अप्रैल 2021 से 2022 तक 8,644 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 440 उच्च जोखिम वाली गर्भवती चिह्नित की गई थीं। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक 12,524 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें से 778 उच्च जोखिम वाली गर्भवती चिह्नित की गई थीं। अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 15,601 गर्भवतियों की जांच की गई। जिनमें 1467 उच्च जोखिम वाली मिली थीं। अप्रैल 2024 से अब तक करीब 13322 गर्भवती की जांच की गई, जिसमें 1790 गर्भवती उच्च जोखिम वाली मिलीं। इसके अलवा बीते साल में करीब 10,838 महिलाएं और किशोरियाें में खून की कमी मिला है।
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एनीमिया के कारण रक्त में ऑक्सीजन क्षमता हो सकती है कम
सीएमओ ने बताया कि एनीमिया एक सामान्य चिकित्सीय स्थिति है, इसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) की संख्या में कमी या रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी देखी जाती है। हीमोग्लोबिन आरबीसी में मौजूद एक प्रोटीन है, जो फेफड़ों से पूरे शरीर में विभिन्न ऊतकों और अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। एनीमिया के कारण रक्त में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो सकती है, जिससे शरीर का समग्र स्वास्थ्य और कामकाज प्रभावित होता है।
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एनीमिया के लक्षण
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका सिंह ने बताया कि एनीमिया के मरीजों में थकान और कमजोरी, त्वचा का पीला पड़ना, दिल की धड़कन का असामान्य होना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द के साथ चक्कर आना, हाथों और पैरों का ठंडा पड़ना, सिरदर्द जैसे लक्षण है।
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