रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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बिना चेकअप कराए मुरादाबाद नारी निकेतन में किशोरी को मेंटल बता दिया गया। यह कहते हुए वापस कर दिया गया कि पागल यहां नहीं रखे जाते हैं, लेकिन पुलिस उसकी हालत ठीक बता रही है। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने उसको जिला अस्पताल में ठहराने की व्यवस्था की है। दिन भर महिला पुलिस कर्मी हिफाजत में तैनात रही है। पीड़िता बिहार निवासी बताई जा रही है।
हसनपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव गुलामपुर में गत 20 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे एक ग्रामीण के घर में अंजानी किशोरी पहुंच गई थी। जिसको देखते ही ग्रामीण दंग रह गए थे। अंजान लड़की से बातचीत की, मगर भाषा दूसरे प्रांत की होने के कारण ग्रामीण समझ नहीं पाए थे।
इसकी खबर उन्होंने सीओ हसनपुर को दी थी। सीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोरी को लेने के लिए पुलिस भेज दी थी। अब जब पुलिस ने पूछताछ की थी तो उसने अपना नाम सीमा जिला खगड़िया बिहार बताया था। गांव का नाम स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही थी।
बातचीत के बाद अगले दिन पुलिस ने उसको एसडीएम कोर्ट में पेश किया था, जिस पर कोर्ट ने उसको नारी निकेतन भेजने के आदेश पुलिस को दिए थे। महिला पुलिस कर्मी के साथ किशोरी को लेकर हसनपुर पुलिस मुरादाबाद स्थित नारी निकेतन पहुंची, मगर वहां के स्टाफ ने उसको एंट्री नहीं दी। कहा कि ये मेंटल है।
नारी निकेतन में मेंटल को नहीं रखा जाता है। बगैर जांच पागल घोषित की गई किशोरी को लेकर पुलिस कर्मी जनपद आए और एसपी को मसले से अवगत कराया। एसपी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में ठहराया है।
महिला कांस्टेबल के मुताबिक अगली कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के आदेश पर ही की जाएगी। किशोरी पागल नहीं है। वह सब बात जानती है। जब उसको नारी निकेतन में पागल कहा था तो वह चीखकर बोली थी कि पागल नहीं हूं। एसपी का कहना है उसके गांव का पता किया जा रहा है।