गजरौला(अमरोहा)। ब्रजघाट गंगा पुल के गर्डर कमजोर हो गए हैं। वह 130 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से ट्रेन दौड़ने लायक नहीं रह गए हैं। इसलिए उनको बदले जाने का निर्णय लिया गया है। 24 अगस्त को गर्डर बदले जाने का काम किया जाएगा। इसके लिए सुबह 8.50 से 1.50 तक दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग पर ब्लॉक लेकर काम किया जाएगा।
दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग पर ट्रेन 110 किमी प्रतिघंटा स्पीड से दौड़ती हैं। काफी समय से 130 किमी प्रतिघंटा स्पीड से ट्रेन दौड़ाने के लिए ट्रैक पर काम किया जा रहा है। रेलवे लाइन की पटरियां बदल दी गईं। स्लीपर भी भारी बिछा दिए गए। इसके बाद रेलवे के अलग-अलग विभाग के अफसरों ने गंगा नदी पर बने रेलवे पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान दिल्ली की दिशा से आने वाली ट्रेनों की लाइन पर पुल के गर्डर कमजोर पाए गए। जांच में सामने आया कि पुल के गर्डर इस कदर कमजोर हो गए हैं कि वह 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन दौड़ाने पर चटक सकते हैं। जिससे ट्रेन हादसे का शिकार हो सकती हैं। इसलिए 24 अगस्त को दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की लाइन पर गर्डर बदले जाने का काम किया जाएगा। इसके लिए रेलवे सुबह 8.50 से दोपहर 1.50 तक ब्लॉक लेकर काम कराएगा।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) महेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा नदी पर बने रेलवे के पुल के गर्डर कमजोर हो गए हैं। 24 अगस्त को ब्लॉक लेकर उनको बदले जाने का काम किया जाएगा। कुछ कमजोर गर्डर बदल दिए गए हैं। अब एक दिन का काम रह गया है। इसके बाद रेलवे की डाउन लाइन पर ट्रेनों को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा सकेगा।
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