अमरोहा। इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। बुधवार को भी 41 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। उबाल कर रख देने वाली दोपहरी में पशु तपती शेड के नीचे गर्म हवाओं के थपेड़े झेल रहे हैं। शेड भी नाममात्र को ही पड़ा है। अधिकांश गोशालाओं में पशुओं का पूरा दिन इस चिलचिलाती धूप में हांफते हुए गुजर रहा है। खाने के लिए सिर्फ रूखा भूसा दिया जा रहा है। उसमें घी की तरह चौकर और हरा चारा डाला जा रहा है।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार को जिलेभर में जगह-जगह संचालित गोशालाओं की पड़ताल की तो व्यवस्थाएं चौपट मिलीं। विशेषकर हसनपुर और गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र में बनी गोशालाओं में गोवंशीय पशु धधकती शेड के नीचे हांफते मिले और सूखा भूसा ही उनके आगे पड़ा मिला। जबकि, अधिकारी गोवंश की सही देखरेख कराने का दावा करते रहते हैं। अमरोहा में कांठ रोड पर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बना हुआ है। यहां वर्तमान में 188 गोवंशीय पशु हैं।
दोपहर के समय यहां बंधे पशुओं को नहलाया जा रहा था। यहां चार कूलर और 18 फंखे चलते मिले। दढियाल गांव स्थित गोशाला में बुधवार शाम करीब चार बजे 100 पशु सूखे भूसे पर निर्भर पाए गए। इन पशुओं के सामने सिर्फ सूखा भूसा पड़ा था, जो उनकी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोशाला में पशुओं की हालत बेहद खराब है और उन्हें पर्याप्त मात्रा में हरा चारा नहीं मिल पाता है। जिससे वह कुपोषण का शिकार हो रहे हैं।