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बिजनौर बैराज से गंगा में छोड़ा गया 1.10 लाख क्यूसेक पानी

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गजरौला। गंगा में बिजनौर बैराज से एक लाख दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर 15 सेमी बढ़कर 200 गेज मीटर हो गया है। हालांकि अभी भी गंगा खतरे के निशान से दो मीटर दूर हैं। इस सीजन में पहली बार एक लाख 10 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरने लगा है।
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बाढ़ खंड के जेई सुभाष गहलौत ने बताया कि बिजनौर बैराज से शनिवार सुबह आठ बजे एक लाख दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अब गंगा के जल की गति आठ किमी प्रति घंटा है। जेई ने बताया कि तिगरी तक गंगा का जल शनिवार देर रात तक पहुंचेगा। शुक्रवार शाम बिजनौर बैराज से गंगा में जो 70 हजार क्यूसेक जल छोड़ा गया था। वह शनिवार की सुबह तक तिगरी में पहुंच गया है। इस कारण गंगा का जल स्तर 15 सेमी बढ़ा है। तिगरी में अब जलस्तर 200 गेज मीटर दर्ज किय गया है। इससे किसानों की धड़कनें फिर बढ़ गई हैं। जिन निचले खेतों में पानी कम होने के कारण फसलों को कुछ राहत मिली थी, अब उन खेतों में दोबारा पानी भरने लगा है। किसानों के सामने चारे की समस्या पैदा हो सकती है।
जेई ने बताया कि बिजनौर बैराज से गंगा में इस सीजन पहली बार एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इस बार कटान की संभावना बढ़ गई है। जेई ने बताया कि गंगा में भले ही एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन खतरे के निशान से दो मीटर दूर हैं। तिगरी में खतरे का निशान 202.420 गेज मीटर है, जबकि इस समय तिगरी का जल स्तर 200 गेज मीटर है।
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अधीक्षण अभियंता ने कटान क्षेत्र का किया दौरा
गजरौला। बाढ़ खंड के ऐई रामलाल सिंह ने बताया कि इस समय गंगा हसनपुर तहसील क्षेत्र के गंगानगर के सामने कटान कर रही है। कटान को रोकने के लिए पेड़ों की डालियां काट कर गंगा किनारे डाली जा रही हैं। बोरे लगाए जा रहे हैं। जिससे गंगा का बहाव दूसरी तरफ हो सके। मगर कटान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐई ने बताया कि बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता एचएन सिंह ने शुक्रवार को दौरा किया था।
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