भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बिजली के मामले में सरकार की ओर से लाए जा रहे कानून का विरोध करते हुए इसे राष्ट्र विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि सरकार बिजली को निजी क्षेत्र में देना चाहती है। भाकियू इस मुद्दे पर बिजली कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करेगी। उन्होंने किसानों से भी बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा है। भाकियू नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतंत्र व विपक्ष को खत्म करना चाहती है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत शुक्रवार दोपहर भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी विजयपाल सिंह के निवास पर मीडिया से बात कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ईडी द्वारा सरकार के इशारे पर विपक्षी नेताओं को फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार देश से लोकतंत्र को खत्म करने में जुटी है।
भाजपा सरकार ने सिस्टम पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान भाजपा व आरएसएस को सत्ता से हटने के बाद भी चलाना चाहिए। प्रदेश की चीनी मिलों पर किसानों का पांच हजार करोड़ रुपये बकाया है। सरकार किसानों का भुगतान दिलाने में नाकामयाब रही है। उन्होंने गन्ना मूल्य भुगतान शीघ्र दिलाए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार बिजली को निजी क्षेत्र में सौंपना चाहती है। भाकियू इसका विरोध करेगी। इस अवसर पर दानवीर सिंह, चौधरी भगवंत सिंह, अशोक सिंह, आलोक कुमार, सुभाष चीमा, नौ सिंह, चंद्रपाल सिंह, सौवीर सिंह आदि पदाधिकारी मौजूद थे।
गायों की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भाजपा की प्रदेश सरकार पर संरक्षित पशुओं के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार गोवंश के पशुओं की देखभाल व रखरखाव के लिए मात्र 30 रुपये प्रतिदिन देती है। इस धनराशि से एक दिन में एक गोवंशीय पशु का पेट नहीं भरा जा सकता है।
उन्होंने गंगेश्वरी क्षेत्र के सांथलपुर गांव में हुई गायों की मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष को नहीं फंसाना चाहिए। कहा कि सीएम की गोरखपुर में अपनी गौशाला है। उनकी अपनी गौशाला में एक दिन में एक गाय पर जितना खर्च आता है। उतनी धनराशि प्रदेश की सभी गोशालाओं में देना चाहिए।