नगर के मोहल्ला कनेटा रोड निवासी जरीफ अहमद के 28 वर्षीय पुत्र शाहनवाज हुसैन की बुखार से मौत हो गई। पांच दिन बाद उसकी बरात दिल्ली जानी थी। मौत से घर में चल रहीं शादियां की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। शव का दफीना कर दिया गया है। परिजनों ने बताया कि वह फर्नीचर मिस्त्री था। सोमवार को शादी के कार्ड बांटने गया था। लौटने पर उसे बुखार आ गया था और मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
शाहनवाज के पिता जरीफ ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसकी शादी दिल्ली के सुंदर नगरी गगन हॉल क्षेत्र से तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियां चल रहीं थी। मेहमान भी आए हुए थे। शादी के कार्ड बांटे जा रहे थे। सोमवार सुबह को शाहनवाज अपनी शादी का कार्ड बांटने के लिए रिश्तेदारी में गया हुआ था। लौटते समय अचानक उसे बुखार हो गया। घर पहुंचा तो उल्टी हो गई। परिजनों ने पास के ही निजी चिकित्सक को दिखाया और दवाई ली। जांच भी कराई सब सामान्य आया। मंगलवार सुबह को फिर अचानक तेज बुखार चढ़ा, जिसके बाद वह बेहोशी की हालत में चला गया। परिजनों ने चिकित्सक को दिखाया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। 20 नवंबर को शाहनवाज की बरात जानी थी। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शाहनवाज चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।