नौ साल पहले किसान की गैर इरादतन हत्या करने के मामले में न्यायालय ने एक ही परिवार के पांच लोगों को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 1,82,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी आरोपी जमानत पर बाहर थे। न्यायालय का फैसला आने के बाद दोषियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
ये घटना बछरायूं थाना क्षेत्र के लखमिया गांव के जंगल में 6 मई 2013 को हुई थी। गजरौला थाना क्षेत्र के गांव बैरमपुर भूड़ में किसान भुवनेश का परिवार रहता है। घटना वाले दिन लखमिया गांव के रहने वाले खचेड़ खां भुवनेश के घर आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने पूर्वजों की जमीन बंटाई पर देने की बात कही थी। लिहाजा भुवनेश कुमार अपनी पत्नी सुमन और बछरायूं थानाक्षेत्र के चौखत निवासी बहनोई सुदेश के साथ खचेड़ खां के खेत पर पहुंच गए और जमीन के बारे में बात करने लगे थे।
तभी लखमिया की मढैया के रहने वाले महावीर, सतेंद्र उर्फ गुड्डू, अशांत उर्फ सोनू, यशपाल और सतपाल तमंचे बंदूक और लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। जमीन को अपनी बताते हुए लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों की तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। गोली लगने से भुवनेश की मौत हो गई। इस मामले में मृतक भुवनेश के बहनोई सुदेश की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
बाद में पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। ये मुकदमा एडीजे/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की।
साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को हत्या की बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। न्यायालय का फैसला आने के बाद तभी पांचों दोषियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया। बुधवार को फिर न्यायालय ने मामले में सुनवाई की और सभी दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही उन पर एक लाख 82 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।