अमरोहा। जनपद की सड़क और खेतों में छुट्टा पशु काल बनकर घूम रहे हैं। खेतों में फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। सड़कों पर हादसे का सबब बन रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से पशुओं को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। किसान खेतों पर फसल की रखवाली करते हैं तो हिंसक पशु हमला कर देते हैं। प्रशासन की आंकड़ेबाजी हकीकत से जुदा है। आंकड़ों की बात करें तो जनपद में 21 गोशाला हैं। इनमें से 17 सरकारी और चार निजी हैं। जिनकी 1500 पशु संरक्षित करने की क्षमता है। लेकिन हकीकत में प्रशासन को ये भी पता नहीं है कि जिले में कितने छुट्टा पशु घूम रहे हैं। जिम्मेदारों की ओर से केवल आकलन कराने की बात कही जाती है। शनिवार को भी जिले भर की सड़कों पर छुट्टा पशु घूमते नजर आए। हसनपुर से रहरा रोड पर सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति है। कई बार लोगों को छुट्टा पशुओं के झुंड के बीच से गुजरना पड़ता है। अगर पशु हमला कर दें तो जान जानी पक्की है। बावजूद इसके जिम्मेदार गंभीर नहीं है।-
सुबह 11 बजे: मंडी धनौरा
मंडी धनौरा के मुख्य बाजार में शनिवार की सुबह छुट्टा पशु घूमते नजर आए। जबकि कुआखेड़ा, बछरायूं के खेतों में भी पशु फसल को बर्बाद करते देखे गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से पशुओं को पकड़ने की कवायद नहीं की गई। ये पशु हिंसक होते जा रहे हैं। रास्ते में निकलते समय और खेतों पर काम करते वक्त कब ये पशु हमला कर दें कुछ पता नहीं।
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दोपहर 1:00 बजे अमरोहा शहर
अमरोहा शहर के कैलसा बाईपास, कांठ रोड पर पशु घूमते हुए देखे गए। जबकि मंडी समिति में छुट्टा पशुओं का झुंड बैठा हुआ था। सब्जी कारोबारी जावेद अहमद ने बताया कि मंडी में बड़ी संख्या में पशु घूमते हैं। हर समय हमले का डर बना रहता है। अगर डंडे दिखाकर पशुओं को भगाने की कोशिश करते हैं तो उल्टा हमला करने दौड़ते हैं।
नोट: हसनपुर तहसील का इनपुट मिलेगा।