अमरोहा। प्लॉट दिलाने के नाम पर जालसाजों ने रोडवेज में संविदा परिचालक से धोखाधड़ी की। एक लाख रुपये ठग लिए। रुपये वापस मांगने पर पीटा। जाति सूचक शब्द कहे। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उसने न्यायालय की शरण ली। अब न्यायालय के आदेश पर मुरादाबाद में छजलैट के चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
मंडी धनौरा के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी विकास कुमार यूपी रोडवेज में संविदा परिचालक हैं। उसने अपने परिचित मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के पोटा गांव निवासी मयंक धारीवाल से प्लॉट दिलावाने के लिए कहा था। इसके बाद मयंक ने अमरोहा नगर के वासुदेव मंदिर के पीछे देवेंद्र कुमार निवासी बैरमपुर थाना छजलैट का प्लॉट दिखाया था। प्लॉट पसंद आने पर एक लाख रुपये बतौर बयाना दे दिए गए। एक महीने के भीतर प्लॉट की रजिस्ट्री कराना तय हुआ। परिचालक ने प्लॉट की रजिस्ट्री के कागज मांगे तो दोनों टहलाते रहे। कुछ दिन बाद पता चला कि प्लॉट दोनों में से किसी का नहीं है। उन्होंने किसी दूसरे का प्लाट दिखा कर धोखाधड़ी की है। पीड़ित परिचालक ने अपने रुपये वापस मांगे तो गाली गलौज करने लगे। जान से मारने की धमकी दी। पीटा और जाति सूचक शब्द कहे। स्थानीय लोगों ने बड़ी मुश्किल से बचाया। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसपी ऑफिस में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मयंक धारीवाल, देवेंद्र सिंह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और एससीएसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।