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जॉब कार्ड में फर्जीवाड़े में नहीं मिली मजदूरी, कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

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अमरोहा। काई मुस्तकम गांव के मनरेगा जॉब कार्ड में फर्जीवाड़ा के मामले में कई और खुलासे होने लगे हैं। जॉब कार्डों में गलत नाम फीडिंग और मस्टरोल जारी कराने और गलत बैंक अकाउंट में रकम भुगतान में कई और कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। कुल 86,814 रुपये मनरेगा की मजदूरी के तहत रुपये हड़पे गए। माना जा रहा है कि इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। फिलहाल मजदूरों के अकाउंट में रुपये अब तक नहीं आएं। इसको लेकर आक्रोश पनप रहा है।
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अमर उजाला ने 18 सितंबर के अंक में मनरेगा जॉब कार्डों में फर्जीवाड़ा, नाम बदल कर हड़पी मजदूरी शीर्षक से मामले को उठाया। इसके बाद जिम्मेदार हरकत में आएं। इसके बाद ऑपरेटर को हटा दिया गया। रिकवरी की तैयारी के मामले को 20 अक्तूबर को प्रकाशित किया। इसके साथ ही 86,814 रुपये के रिकवरी की तैयारी की गई। रोजगार सेवक ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसके अलावा संबंधित मजदूरों के बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया। इस बीच अफसरों ने मामले में कानूनी कार्रवाई का खाका तैयार करने में माथापच्ची में जुटे हैं दरअसल मनरेगा की मजदूरी का भुगतान का दायित्व ग्राम स्तरीय अफसरों के अलावा कार्यक्रम अधिकारी का भी है। दरअसल बैंक अकाउंट गलत फीड करना गंभीर मामला है। यह एक सोच समझ कर किया गया है। ऐसे में रकम के हेरफेर में शामिल लोगों के खिलाफ सरकारी रकम का गबन करने और रिकार्ड में हेराफेरी का केस किया जाएगा।
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