डिडौली (अमरोहा)। किसान के क्रेडिट कार्ड में फर्जीवाड़ा कर डेढ़ लाख की ऑनलाइन शॉपिंग करने का मामला सामने आया है। शनिवार को डिडौली पुलिस ने मामले में आरोपी इंश्योरेंश और टेलीकॉम कंपनी के मैनेजर और एक सिम विक्रेता को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया। उनके कब्जे से मोबाइल, सिम कार्ड, सोने की चेन और क्रेडिट कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
शनिवार को डिडौली कोतवाली में सीओ सिटी विजय कुमार राना ने खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एक एचडीएफसी बैंक की जोया स्थित ब्रांच के लाइफ इंश्योरेंस विंग के डवलपमेंट मैनेजर भास्कर शर्मा, दूसरा जियो टेलीकॉम कंपनी का मैनेजर समीर उर्फ समशुद्दीन और तीसरा सिम विक्रेता आस मोहम्मद है। सीओ ने बताया कि 18 जनवरी 2021 को डिडौली के मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी अर्जुन सिंह के क्रेडिट कार्ड से किसी अज्ञात व्यक्ति के ने धोखाधड़ी कर करीब 1,50 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली थी। इस संबंध में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई थी। घटना के खुलासे को एसपी सुनीति ने डिडौली पुलिस और सर्विलांस टीम का गठन कर तत्काल खुलासे के निर्देश दिए थे। पुलिस की छानबीन और साक्ष्य के आधार पर बैंक की जोया स्थित ब्रांच के लाइफ इंश्योरेंस विंग के डवलपमेंट मैनेजर भास्कर शर्मा निवासी लंबिया थाना रजबपुर का नाम प्रकाश में आया। जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपने साथ अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना कबूल किया।
शनिवार को इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने आरोपी भास्कर शर्मा द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग कर खरीदी गई सोने की चेन बरामद की, जिसे किसान के क्रेडिट कार्ड से खरीदा गया था। इसके बाद उनकी निशानदेही पर घटना में संलिप्त निजी मोबाइल कंपनी के मैनेजर समीर उर्फ समशुद्दीन को निवासी अतरासी कलां मोबाइल फोन और आरोपी सिम विक्रेता आस मौहम्मद निवासी अतरासी कलां थाना रजबपुर से सिमकार्ड बरामद कर गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। सीओ बताया कि पूछताछ के दौरान धोखाधड़ी का कोई दूसरा मामला सामने नहीं आया है। अगर कोई अन्य अपराध सामने आता है तो उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने और नंबर
बदलने वाले फॉर्म पर धोखे से कराए थे दस्तखत
- डवलपमेंट मैनेजर और मोबाइल कंपनी के मैनेजर के बीच है गहरी दोस्ती
- दोनों ने रिटेलर के साथ मिलकर लिखी ऑनलाइन ठगी करने की पटकथा
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी निजी बैंक में लाइफ इंश्योरेंस विंग के डवलपमेंट मैनेजर भास्कर और मोबाइल कंपनी के मैनेजर समीर दोनों गहरे दोस्त हैं। दोनों ने रिटेलर आस मोहम्मद के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी करने की पटकथा लिखी थी। मुख्य आरोपी भास्कर ने बैंक ग्राहक अर्जुन सिंह के क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और मोबाइल नंबर बदलवाने वाले फॉर्म पर धोखे से दस्तखत कराए थे। बाद में तीनों ने मिलकर ग्राहक के नाम से फर्जी सिम कार्ड खरीदा था। जिसका नंबर क्रेडिट कार्ड में रजिस्टर्ड करा दिया। इसके बाद ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी ब्लू स्टोन के द्वारा शॉपिंग करके सोने की चेन और अंगूठी खरीदी थी।
सीओ सिटी विजय कुमार राना ने बताया कि मुख्य आरोपी भास्कर के बताए अनुसार वह निजी बैंक की जोया ब्रांच में लाइफ इंश्योरेंस विंग में डवलपमेंट मैनेजर की पोस्ट पर नियुक्त है। जबकि दूसरा आरोपी समीर मोबाइल कंपनी का मैनेजर है। जिससे भास्कर से गहरी दोस्ती है। दोनों ने ऑनलाइन ठगी करने की योजना अपने अन्य साथी सिम विक्रेता आस मोहम्मद के साथ मिलकर बनाई। यह डिलीवरी अमरोहा जिला अस्पताल के पास ली गई। कुछ दिन बाद बैंक का नोटिस पहुंचने के बाद अर्जुन को धोखाधड़ी होने की जानकारी हो सकी।
धोखाधड़ी का खुलासा करने वाली टीम
अमरोहा। धोखाधड़ी कर ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले गिरोह का खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर मोहित चौधरी, एसएसआई सतेंद्र कुमार, सर्विलांस टीम के कांस्टेबल योगेश सर्विलांस टीम, हेड कांस्टेबल अनिल सर्विलांस टीम, हेड कांस्टेबल मनीश सिरोही सर्विलांस टीम, कांस्टेबल लवि चौधरी सर्विलांस टीम और कांस्टेबल आकाश सर्विलांस टीम शामिल रहे।
खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार पुरस्कार
अमरोहा। ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को एसपी सुनीति ने दस हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया है। साथ ही टीम की सराहना की है।