ढबारसी(अनिल चौहान/शिवओम गुप्ता)। जिला प्रोबेशन विभाग के पेंशन प्रणाली में बड़ा गड़बड़झाला है। जिले में हजारों अपात्र, मृतकों को पेंशनधारक दिखाकर लाखों रुपये की धनराशि का बंदरबांट किया जा रहा है। अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिंदा पति को मृत दर्शाकर महिला विधवा पेंशन ले रही है। इसके अलावा कई ऐसी महिलाएं है, जो वर्षों पहले मर चुकी है और उनके पेंशन लगातार खातों में भेजी जा रही है। जिले की पेंशन व्यवस्था में फर्जीवाड़े के बाद भी संलिप्त जिम्मेदार अफसर चुप्पी साधकर बैठे हैं।
सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखकर ईश्वर से उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। लेकिन, थोड़े से रुपयों के लिए कोई महिला अपने पति को कागजों में मृत दर्शाकर विधवा पेंशन लेने लगे। यह बात आपको अजीब लगेगी। लेकिन, यह सच है। ढबारसी ग्राम पंचायत की वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची में इसका खुलासा हुआ है। यह की एक महिला अपने जिंदा पति को मृत दर्शाकर विधवा पेंशन ले रही है। जबकि उसका पति स्वस्थ और सकुशल घर पर मौजूद हैं। हैरत की बात यह है कि पेंशन आवेदन के कागजों में जिंदा पति का मृत्यु प्रमाण पत्र लगा हुआ है। यह सब समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की साठगांठ से हो रहा है।
इसके अलावा ग्राम पंचायत में 40 विधवा पेंशन धारक हैं। इनमें से चार महिलाओं की वर्षों पहले मौत हो चुकी है। जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची के आधार पर उनकी पेंशन आ रही है। इतना ही नहीं पिछड़ी जाति की महिला जगवती पत्नी तारा को अनुसूचित जाति में दर्शाकर पिछले कई वर्षों से विधवा पेंशन दी जा रही है। इससे पहले ढबारसी में वर्षों पहले मरे 22 लोगों को वृद्धापेंशन दिए जाने का खुलासा हुआ था। जबकि हसनपुर ब्लाक के गांव भीमा सुलतानपुर में अपात्र और मृतकों को वृद्धावस्था पेंशन बांटे का फर्जीवाड़ा सामने आया था। पेंशन के इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद अफसरों में खलबली मची है। इस फर्जीवाड़े में संलिप्त जिम्मेदार कार्रवाई करने की बजाय चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। अगर निष्पक्षता और इमानदारी से फर्जीवाड़े की जांच कराई जाए तो कई अधिकारी और दलालों पर कार्रवाई तय है।
पांच साल पहले से ले रही महिला पेंशन
ढबारसी। ढबारसी में वृद्धावस्था और विधवा पेंशन में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद अब जिंदा पति को मृत दर्शाकर सुहागिन के द्वारा विधवा पेंशन लिए जाने का खुलासा हुआ है। वर्तमान ग्राम प्रधान पति राजीव गोयल के मुताबिक ये मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। इससे साफ की महिला पांच साल पहले से तो विधवा पेंशन ले रही है। जबकि जून माह में पेंशनधारकों को सत्यापन होता है। ऐसे में विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा अपात्र महिला की पेंशन क्यों नहीं काटी गई। खुलासे के बाद अधिकारियों द्वारा लाभार्थियों का सत्यापन और उनकी कार्यशैली संदेह के घेरे में हैं।
मौत के बाद भी इनके खाते में जा रही है पेंशन
- बानो पत्नी रसीद खान
- कमर जहाँ पत्नी खलीक
- सवादकीन पत्नी रियासत
- उर्मिला पत्नी अजीत सिंह
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जन्म प्रमाण पत्र /आयु प्रमाण पत्र
- बैंक में खाता उनका नंबर
- आय प्रमाण पत्र
- पति की मौत का प्रमाण पत्र
खुद की बजाए दूसरे को भेजा जांच करने, ग्रामीणों ने भगाया
ढबारसी। हसनपुर ब्लाक क्षेत्र की भीमा सुल्तानपुर में पेंशन में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद उच्चधिकारियों के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी सतेंद्र कुमार ने हसनपुर ब्लॉक में तैनात एडीओ समाज कल्याण अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी को पेंशन फर्जीवाड़ा के जांच के लिए भेजा गया था। बताते हैं कि जांच की औपचारिकता को पूरी करने के उद्देश्य से दोनों अधिकारियों ने तीन दलालों को पेंशन पात्रता की जांच करने भेज दिया था। उन्होंने घर-घर जाकर पेंशन की पात्रता के लिए आवश्यक प्रमाण पत्रों की जानकारी करनी चाही तो ग्रामीणों ने दौड़ा लिया। अब सवाल यह है कि विभागीय अधिकारी फर्जीवाड़े की जांच करने से क्यों बच रहे हैं।