ढबारसी/अमरोहा(अनिल चौहान/शिवओम गुप्ता)। सरकारी और जिला प्रशासन की सख्तियों के बाद भी मनरेगा में गड़बड़झाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र में गांव काई मुस्तमक ग्राम पंचायत में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। षड्यंत्रकारी कर्मचारियों ने मनरेगा जॉब कार्डों में सदस्यों के नाम बदलकर मजदूरों की लाखों रुपये की धनराशि हड़प ली है। इसका खुलासा होने पर हड़कंप मचा है। अभी तक आठ जॉब कार्ड धारक सामने आए हैं। जिन्होंने डीएम से फर्जीवाड़े की जांच कराकर उनकी मजदूरी की धनराशि दिलाने की मांग की है। अगर निष्पक्ष जांच हुई तो बड़े स्तर पर फजीवाड़े का पर्दाफाश हो सकता है और कई अधिकारी-कर्मचारियों का नपना तय है। यह फर्जीवाड़ा गंगेश्वरी ब्लाक की काई मुस्तकम ग्राम पंचायत में सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक काई मुस्तकम ग्राम पंचायत में 363 जॉबकार्ड धारक मजदूर है। लेकिन, यहां कमीशन लेकर मजदूरों का रोजगार मिलता है। आरोप के मुताबिक काई मुस्तकम गांव में मनरेगा के अंतर्गत सैंकड़ों मजदूरों ने तालाब, खलिहान, चकरोडों पर मिट्टी कार्य और प्राइमरी स्कूल में 20 जून से 8 जुलाई तक कार्य किया है। कुछ जॉबकार्ड धारक ऐसे हैं जिन्होंने इससे पहले और बाद में मजदूरी की है। लेकिन, इन मजदूरों की मजदूरी आज तक उनके खाते में नहीं पहुंची है। मजदूर लखपत, अमरसिंह, राम प्रकाश, होराम और जगपाल ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत में फर्जीबाड़ा होने का आरोप लगाया है। कहा कि रोजगार सेवक काम के बदले कमीशन मांगता है। मजदूरों ने इसका विरोध किया तो षड्यंत्रकारियों ने जॉबकार्ड में फर्जी नाम दर्शाकर मजदूरी की रकम उनके खाते में ट्रांसफर करवा दी है। मजदूरों ने फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच कराकर मजदूरी के रुपये दिलवाने की मांग की है। इस मामले में गंगेश्वरी वीडीओ जाकिर अली ने फर्जीवाड़े की बात की गई तो वह किसी गांव में होने की बात कहकर पल्ला झाड़े दिखाईं दिए।
इन जॉबकार्ड धारकों की मजदूरी हुई ट्रांसफर
. लखपत पुत्र सुखदेव की पत्नी सविता के स्थान पर सरिता दर्शाकर उसके खाते में 19 हजार 69 रुपये की धनराशि ट्रांसफर की गई है।
. अमर सिंह पुत्र शिवलाल की पत्नी पुष्पा देवी के स्थान पर शीला नाम की महिला का नाम दर्शाकर 24 हजार 329 रुपये ट्रांसफर किए गए है।
. बबलू पुत्र सुखदेव की पत्नी सर्वेश देवी के स्थान पर राजो नाम की महिला के खाते में 21 हजार 719 रुपये की धनराशि ट्रांसफर की गई है।
. हरकेश पुत्र सुखराम के गोलू और मुकुल कुमार बेटे हैं। लेकिन सुभाष नाम के व्यक्ति के खाते में 8 हजार 728 रुपये की धनराशि ट्रांसफर हुई है।
. राकेश पुत्र बालमुकुंद की पत्नी मन्जू देवी है। जबकि संतोष नाम की महिला के नाम पर मजदूरी का पैसा ट्रांसफर किया गया है।
. जगपाल सिंह पुत्र करतार सिंह के नाम की जगह जसपाल के खाते में 31 हजार 166 रुपये की धनराशि का गोलमाल किया गया है।
. राम प्रकाश पुत्र हरकिशन की पत्नी अमरवती के खाते में धनराशि डालने के बजाय मीना देवी नाम की महिला के नाम 30 हजार 607 रुपये की धनराशि ट्रांसफर की गई है।
. सुरेश पुत्र हरकिशन की पत्नी मालवती के स्थान पर भूईया की महिला के खाते में मजदूरी की रकम ट्रांसफर की गई है।
यह बोले मजदूर
. जॉबकार्ड धारक लखपत का कहना कि इस वित्तीय वर्ष में उन्होंने 24 दिन विद्यालय और खलिहान से वीरसिंह के खेत तक पड़ी सड़क पर काम किया है। लेकिन आज तक खाते में एक पैसा नहीं आया है।
. मजदूर राकेश का कहना है कि उनका जॉब कार्ड है। लेकिन, मुझे काम नहीं दिया गया। उन्होंने मनरेगा में कोई काम नहीं किया है। लेकिन उनकी पत्नी मन्जू देवी को संतोष दर्शाकर सरकार के खाते से रकम निकाल कर फर्जीवाड़ा किया है।
. मनरेगा मजदूर सुरेश का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे किशनपाल के साथ 18 दिन काम किया। लेकिन आज तक उनकी मजदूरी खाते में नहीं डाली गई है।
. मजदूर बबलू का कहना है कि काम करने के बाद भी पिछले दो बर्षो से कोई पैसा मजदूरी का नहीं मिला है। जब रोजगार सेवक से मजदूरी के रूपयों के बारे में पूछते है तो वह अगले महीने पैसे खाते में आने की बात कहकर टरकाता रहता है।
. जॉबकार्ड धारक अमरसिंह ने बताया कि मैंने और लखपत ने 24 दिन साथ काम किया था। लेकिन कोई पैसा अभी तक खाते में नहीं आया है। जनसेवा केंद्र पर अपना ज-ॉबकार्ड दिखाया, तो पत्नी पुष्पा देवी के स्थान शीला नाम की महिला के नाम पर रकम ट्रांसफर होना पाया गया है।
. मजदूर जगपाल का कहना है कि उसने तालाब का जीर्णोद्धार और वृक्षारोपण का 16 दिन काम किया है। लेकिन अब तक खाते में कोई पैसा नहीं आया है।
ये जितने शिकायतकर्ता है। इनमे आधों के कार्ड नहीं है। जबकि, उनसे कई बार कार्ड सही कराने के लिए कहा गया है। एपीओ ने बुलाकर कुछ जांच भी की है। मुझे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। इस कार्य को रोजगार सेवक कर रहा है। जो जेसा करेगा वैसा भरेगा।
- मुकेश कुमार, ग्राम प्रधान, काई मुस्तकम
मनरेगा कार्ड में नाम बदलने का मामला गंभीर है। जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मिथिलेश तिवारी, उपायुक्त मनरेगा/परियोजना निदेशक (डीआरडीए)