सदर तहसील में आय और जाति प्रमाण पत्रों को जारी करने में जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। नियम-कायदों को धता बताकर लेखपाल खुदमुख्तार बने लेखपाल मनमुताबिक फार्म निरस्त और पास कर रहे हैं। आरोप है कि, रिश्वत के लिए वे दबाव बना रहे हैं। इस पर अफसरों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब रजबपुर क्षेत्र के लेखपाल ने एक आवेदक के जाति प्रमाण पत्र के आवेदन को बिना कारण बताए निरस्त कर दिया। शिकायत पर अफसरों ने भी कार्रवाई नहीं की। इससे पहले शहर क्षेत्र के लेखपाल ने एक कुंवारी को शादीशुदा दर्शाकर जातिप्रमाणपत्र का आवेदन निरस्त कर दिया था। वहीं करौंदी गांव के लेखपाल ने एक आवेदक का 450 रुपया वार्षिक के आय प्रमाण पत्र के लिए रिपोर्ट लगा दी थी, जो कि मुमकिन ही नहीं है।
जोया ब्लाक क्षेत्र के गांव फैयाजनगर निवासी जगदीश सिंह ने अपनी पत्नी संतोष देवी का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमएस जनसेवा केंद्र से आवेदन किया था।
इसके लिए पत्नी के मायके की प्रधान और तहसील धनौरा की ओर से जाति को सत्यापित कर दस्तावेेेज आवेदन के साथ लगाए थे, मगर हल्का लेखपाल ने कोई कारण बताए बगैर उसको अस्वीकृत कर दिया।
पूछने पर भी कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उसने डीएम से शिकायत की, कारण बताए जाने के लिए प्रार्थना पत्र भी तहसील में दिया था। अब दूसरी बार इस संबंध में डीएम से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी, मगर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उसका आरोप है कि लेखपाल रुपये लिए बगैर कोई काम नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से उसका भी आवेदन निरस्त किया गया है।