फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्र को पता नहीं, हो गया  एडमिशन, निकाला वजीफा

Thu, 25 Aug 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
विज्ञापन
फर्जी कॉल - फोटो : demo pic
विज्ञापन
निजी कॉलेजों की ओर से गलत तरीके से छात्रवृत्ति हथियाने का एक और मामला प्रकाश में आया है। आदमपुर क्षेत्र के छात्र के नाम पर गजरौला के मैनेजमेंट कालेज के जरिए छात्रवृत्ति निकाल ली गई, जबकि उसकी जानकारी के बिना ही उसे बिलारी के एक कॉलेज में दाखिला दिला दिया गया।
विज्ञापन


यहां से भी उसकी छात्रवृत्ति के लिए अप्लाई कर दिया गया है। मामला पकड़ में आने पर छात्र ने डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उधर, गजरौला के कालेज प्रबंधक हरेंद्र सिंह का कहना है कि, ऐसी कोई जानकारी इनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी कोई बात सामने आती है तो जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।

गांव बुरावली निवासी कुलदीप सिंह पुत्र फूल सिंह ने बताया कि, वर्ष 2012 में गजरौला में ब्रजघाट के पास स्थित एक मैनेजमेंट कालेज में एमबीए में दाखिले के लिए कागजात जमा किए थे। कहा कि, किसी कारण से उसने प्रवेश नहीं लिया। उसने कालेज प्रबंधन को इस संबंध में प्रार्थना पत्र भी दिया था।
विज्ञापन


छात्र का आरोप है कि, इसके बाद भी प्रबंधन ने कुलदीप का दाखिला एमबीए में कर दिया और एक निजी बैंक से साठगांठ कर कुलदीप के नाम का खाता खुलवा लिया। इतना ही नहीं छह जून 2013 को खाते में समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति के रूप में सत्तर हजार रुपये आए और निकाल भी लिए गए। 2014 में कोर्स पूरा होना भी बता दिया गया। कुलदीप ने बताया कि, अगस्त 2016 में वह मेरठ के एक कॉलेज में बी.एड में दाखिला लेने गया था।

यहां प्रवेश फार्म के साथ छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन भरने के दौरान इरर आने लगा। पता चला कि, बिलारी के एक निजी कॉलेज में पीजीडीएम पाठ्यक्रम में 2015 में उसका दाखिला हो गया है और उसकी छात्रवृत्ति के लिए अप्लाई भी किया जा चुका है। इस पर कुलदीप ने समाज कल्याण विभाग में पता किया तो 18 अगस्त सारे फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। इस पर कुलदीप ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की शिकायत की है।

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले लौटानी पड़ी थी छात्रवृत्ति
गजरौला। जनपद अमरोहा के थाना रजबपुर क्षेत्र के गांव बागड़पुर माफी स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में दो माह पूर्व एक शिक्षक ने छात्रवृति में फर्जीवाड़े की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। इस मामले में शिक्षक ने थाना पुलिस को भी प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की थी।

जिसमें आरोप लगाया गया कि बाहरी जनपदों के जो छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं। उनके नाम पर छात्रवृत्ति में लाखों की हेरा फेरी की जा रही है। जांच के बाद कॉलेज प्रबंधन को छात्रवृत्ति को समाज कल्याण विभाग को वापस भेजना पड़ा था। हालांकि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि एक-दो पुराने छात्रों के नाम छात्रवृत्ति की सूची में गलती से आ गए थे। जिससे उनकी छात्रवृत्ति वापस कर दी गई थी।

जनपद के कुछ निजी कालेजों छात्रवृत्ति में घालमेल की शिकायतें आ रही हैं। मामला काफी गंभीर है। इसकी जांच करा कर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ्‍ा ही अगर कालेज द्वारा फर्जी तरीके साथ छात्रवृत्ति हड़पी गई है तो उसकी भी रिकवरी कराई जाएगी।  वेदप्रकाश, जिलाधिकारी
विज्ञापन

 अमरोहा 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें