अमरोहा। जिले में 19 दिन के भीतर चौथी बार आंधी-बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा और बारिश से पककर तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई। कई खेतों में पानी भरने से बालियां डूब गईं। कटाई से ठीक पहले मौसम बिगड़ने से पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे काले बादल छाने के बाद करीब एक घंटे तक रुक-रुककर बारिश हुई। जिले में करीब 27 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। इसमें 80 फीसदी की कटाई हो चुकी है, जबकि शेष फसल कुछ खेतों में कटी पड़ी है और कुछ की कटाई बाकी है। इससे पहले 26 और 27 सितंबर तथा नौ अक्तूबर को भी आंधी-बारिश हुई थी। आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से अमरोहा तहसील क्षेत्र में 165 हेक्टेयर धान की फसल प्रभावित हुई थी।
जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि बारिश से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। ताजा नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
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बारिश और हवा से धान, उड़द व गन्ने की फसल गिरी
कैलसा। क्षेत्र में तेज बारिश और हवा से धान, उड़द व गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। धान की खड़ी फसल गिर गई, जबकि कटे धान में पानी भरने से गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। नन्हेड़ा अल्यारपुर के किसान प्रमोद, धर्मपाल, अंकुर, चंद्रपाल और भूरे ने बताया कि गिरे गन्ने में चूहे नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं, धान की बालियां काली पड़ने और दाने खराब होने का खतरा है। संवाद