प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सिर छिपाने के लिए आवास दिलाने के नाम पर पालिका कर्मी सहित चार लोगों ने महिला से 18 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले लिए। तीन हजार पात्रता सूची में नाम दर्ज कराने, पांच हजार पहली किश्त आने पर व दस हजार रुपये दूसरी किश्त आने के बाद लिए।
इसके बाद किश्त नहीं आने पर मकान अधूरा रह गया। पीड़िता ईओ के सामने पहुंची और पूरी कहानी सुनाई। ईओ ने संबंधित कर्मचारी को बुलाकर रुपये वापस करने की हिदायत दी। चेतावनी दी रुपये नहीं लौटाए तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मंगलवार की दोपहर लक्ष्मी नगर मोहल्ला निवासी महिला हाजरा नगर पालिका पहुंची। यहां उसने ईओ को सबसे पहले अपने हाथों में पड़ी ठेठ दिखाईं। बोली उनके घर पर साल भर से नल नहीं लगा है। वह बाहर से पानी भर कर काम चला रही है। उसका शौहर एक वेल्डिंग की दुकान पर काम करता है। उस पर सिर ढकने को छत नहीं थी। जिसके चलते नगर पालिका से प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मकान दिलाने की गुहार लगाई। इसके बाद उनके पास नगर पालिका का एक कर्मचारी पहुंचा। उसने कहा कि वह पात्रता सूची में हाजरा का नाम लिखा सकता है। इसके लिए उसने हाजरा से तीन हजार रुपये रिश्वत ली।
इसके बाद पालिका कर्मी सहित चार लोग उसके घर पहुंचे। पहली किश्त आने पर उन्होंने पांच हजार रुपये मांगे। मकान के लिए उसने रुपये पकड़ा दिए। दूसरी किश्त आने पर दस हजार रुपये रिश्वत ली। मगर इसके बावजूद उसका मकान अधूरा रह गया। कारण एक किश्त और आनी थी। उसने पालिका कर्मी सहित सभी से कई बार गुहार लगाई कि उसकी चौथी किश्त और दिला दी जाए। जिससे मकान का निर्माण पूर्ण हो जाए। मगर किसी ने नहीं सुनी। किसी ने उसे बताया कि वह पालिका में जाकर ईओ से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाए। सारी बाधाएं दूर हो जाएंगी।
ईओ के सामने उसने पालिका कर्मी पर रुपये लेने और अन्य को दिलाने के आरोप लगाए। जिस पर ईओ ने कर्मचारी को रुपये वापस करने की हिदायत दी। रुपये वापस नहीं करने पर उसके सहित अन्य के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी।