जिले में पिंजरे की कमी से जूझ रहे वन विभाग को छह और पिंजरे मिले हैं। जिससे अब विभाग के पास 12 पिंजरे हो गए हैं। इससे जिलेभर में वन विभाग की परेशानी का सबब बने तेंदुआ और अन्य जंगली जानवरों को पकड़ने में मदद मिलेगी।
जिले में आए दिन तेंदुआ कहीं न कहीं दस्तक दे रहा है। तेंदुए बकरी, नीलगाय, कुत्ते और गोवंशीय पशुओं का शिकार कर रहे। वहीं, कई जगह तेंदुए के दिखाई देने से लोग दहशत में है। बीते दिनों तेंदुआ खजूरी गांव के परिषदीय विद्यालय में घुस गया था। कई घंटे तक बच्चे दहशत में रहे थे। जिसकी दहशत बच्चों और उनके अभिभावकों में अभी भी है।
हालांकि, वन विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया, लेकिन वह कैद नहीं हुआ। वहीं, वन विभाग पिंजरे की कमी से जूझ रहा था। उसके पास महज छह पिंजरे थे, जबकि तेंदुआ हसनपुर, मंडी धनौरा, रजबपुर, नौगावां सादात क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक रहती है। जिससे वन विभाग को उसे पकड़ने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। दूसरे स्थान पर लगाने के लिए पहले स्थान से हटाना पड़ता था, लेकिन अब हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि वन विभाग को छह पिंजरे और मिल गए हैं। वन विभाग के एसडीओ विमल कुमार भारद्वाज ने बताया कि अब तेंदुआ और अन्य जंगली जानवरों को पकड़ने में खासी मदद मिलेगी। जहां पर जरूरत पड़ेगी, वहां पर पिंजरे लगा दिए जाएंगे। बाहर से मंगाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।