गजरौला में नेशनल हाईवे पर कोहरे के बीच गुजरते वाहन।
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नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र कोहरे की आगोश में जकड़ा है। सुबह देर तक वातावरण में धुंध छाई रहती है। रास्ता साफ नहीं दिखने के कारण वाहन रेंगते रहे। दोपहर में धूप खिलने से मौसम साफ हो गया। ग्रामीण इलाकों में छाए कोहरे से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। शाम होते ही गलन व ठंड के बढ़ जाने से सड़कों पर सन्नाटा छाने लगता है। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके रहते है।
नववर्ष के शुरूआत से ही मौसम ने अपना तेवर दिखाना शुरु कर दिया है। पिछले दस दिनों से कड़ाके की सर्दी का सितम जारी है। बुधवार सुबह से ही घने कोहरे की तनी हुई चादर ने लोगों को ठिठुरा दिया। सर्द पछुआ हवाओं से नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड और गलन में इजाफा होने से लोगों ने अपने-अपने घरों में ही दुबके रहने में भलाई समझी। कोहरे के कारण सड़कों से गुजरने वाले दोपहिया और बड़े वाहनों को दिन में भी हैडलाइट जला कर गुजरना पड़ा। दोपहर में धूप खिल जाने से ठंड से थोड़ी राहत मिली। गंगा किनारे नेेशनल हाईवे पर कोहरा अधिक होने के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खुले मौसम में रेलवे ट्रैकों पर सरपट दौड़ने वाली ट्रेनों की रफ्तार पर भी कोहरे के ब्रेक लगने से ट्रेनें एहतियातन धीमी गति से गुजरती रही।
धूप खिलने के बाद भी ठंड में कोई कमी नहीं आई। सूरज की चमक के बाद भी लोग दिनभर ठिठुरते ही नजर आए। दिन के तापमान में एक डिग्री की कमी आई तो रात के तापमान में ढाई डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। सोमवार को ढाई डिग्री रहा न्यूनतम तापमान पांच डिग्री पहुंच गया है। वहीं 14.5 रहा अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
दो दिन धूप के बाद सोमवार को पारा लुढ़क कर ढाई डिग्री पहुंच गया। हाड़ कंपाने देने वाली इस ठंड में हर कोई कांप उठा। लेकिन मंगलवार धूप खिलने से रात की ठंडक कम रही। वहीं दिन में सर्दी बढ़ गई। अधिकतम तापमान 13.4 और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। जगह-जगह बैठे लोगों ने शीत लहर के प्रकोप से बचने के लिए आग का सहारा लिया। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान पांच डिग्री रहा। इस कड़ाके की ठंड में स्कूल में छुट्टी होने से बच्चे घरों में कैद हैं।