बिजनौर। पहाड़ और मैदानी इलाकों में हो लगी लगातार बरसात से गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। इससे जिले में बाढ़ के हालात बन गए हैं। पुलिस प्रशासन ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को गंगा की तरफ नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है। गांगन नदी के तेज बहाव के चलते एक किशोर डूब गया। उधर गंगा में उफान की वजह से खादर इलाके के एक दर्जन किसान दूसरे छोर पर फंसे हुए हैं।
मंगलवार की शाम चार बजे बिजनौर बैराज पर सायरन बजाते लोगों को अलर्ट किया गया। तभी गेट और अधिक खोले गए और 193302 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इस वक्त बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.70 मीटर रहा जोकि खतरे के निशान से महज 0.30मीटर दूर ही रहा। हालांकि तीन बजे तक जलस्तर 219.50 मीटर बना हुआ था। वहीं हरिद्वार से 3:00 बजे 177000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। प्रशासन का कहना है कि बुधवार की सुबह तक जलस्तर और बढ़ेगा और बिजनौर गंगा बैराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।
गंगा में उफान की वजह से बालावाली से लेकर रावली तक बाढ़ के हालात बने रहे। गंगा तेजी से कटान कर रही है। वहीं बैराज से शाम ढलने तक करीब दो लाख क्यूसेक पानी बहने से डाउन स्ट्रीम में भी बाढ़ की आशंका बन गई है। जिसके बाढ़ नियंत्रण विभाग ने लोगों को अलर्ट किया गया है।
अलर्ट मोड में 31 बाढ़ चौकियां
बाढ़ नियंत्रण के नोडल अफसर अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि सभी 31 बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मंगलवार की देर शाम से गंगा में करीब दो लाख कयूसेक पानी बहने की संभावना है, ऐसे में लोगों को गंगा की तरफ नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है।
बैराज पर तैनात हुई पीएसी
बिजनौर बैराज पर पीएसी को तैनात कर दिया गया है। पीएसी के गोताखोर अपनी एक मोटरबोट के साथ बैराज पर डेरा डाले हुए हैं। पानी के बहाव और उफान पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस की ओर से भी तटीय गांव में अनाउंस करके लोगों को अलर्ट किया गया है।
गांव-गांव हो रही मुनादी और एनाउंसमेंट
प्रशासन गंगा किनारे के गांवों में किसानों से खादर और नदी से दूर रहने की हिदायत दे रहा है। इसके लिए गांवों में मुनादी कराई जा रही है, वहीं मंदिर और मस्जिदों से एनाउंसमेंटटीाी हो रहे हैं। लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि वह गंगा के आसपास न जाएं।
इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से निगरानी
कलक्ट्रेट में प्रशासन ने एक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया है। इसमें दो कर्मचारी, एक पुलिसकर्मी और एक एसडीएम की तैनाती की गई है। यह सब जिले में बाढ़ के हालात पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही कहीं से भी सूचना आने पर उसे संबंधित विभागों, क्षेत्र के ग्रामीणों को उपलब्ध करा रहे हैं।