अमरोहा। एंटी करप्शन की टीम जनपद में पहले भी कई बार दस्तक दे चुकी है। पिछले 10 सालों में टीम ने पांच सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा है। जिले में लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर अफसरों के होश उड़े हैं। वही रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी विभाग और सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं। ऐसे लोगों की वजह से पूरा सिस्टम बदनाम हो है। वहीं आमजन का विश्वास खत्म होता जा रहा है।
मालूम रहे कि 13 सिंतबर को एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने कचहरी चौकी में तैनात दरोगा नन्हे बाबू को शहर के एक पेट्रोल पंप पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
आरोप है कि दरोगा ने ये रिश्वत मुकदमे में चार्जशीट लगाने के नाम पर वादी के पति से ली थी। एंटी करप्शन की टीम ने दरोगा के खिलाफ डिडौली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके तेरह दिन बाद एक बार फिर एंटी करप्शन की टीम ने अपर जिला सूचना अधिकारी को पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले 17 अगस्त 2018 को एंटी करप्शन की टीम ने चकबंदी कानूनगो महेंद्र सिंह को भी पांच हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। कानूनगो ने जोया क्षेत्र के श्यौनाली गांव निवासी किसान शहजाद यूसुफ से लाखों रुपये लेने के बाद भी चक बिगाड़ दिया था। सही करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे थे। वहीं 2013 में पपसरा चौकी में तैनात दरोगा को रिश्वत लेते समय एंटी करप्शन ने रंगे हाथ पकड़ा था। जबकि मंगलवार को जेई अखिलेश को एंटी करप्शन की टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत देते गिरफ्तार किया है।