फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: पहले नकारा, अब नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने होंगे क्लेम के दो लाख

Sun, 13 Jul 2025 01:44 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। किसान की मौत के बाद बीमा कंपनी ने ड्राइवर लाइसेंस नहीं होने की बात कहकर क्लेम देने से इन्कार कर दिया। अब बीमा कंपनी को वाद दायर करने की तिथि से नौ प्रतिशत ब्याज समेत दो लाख रुपये चुकाने होंगे। साथ ही आर्थिक और मानसिक पीड़ा व वाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये भी कंपनी पीड़िता को देगी। बीमा कंपनी को यह राशि एक माह में अदा करनी होगी।
विज्ञापन


बिजनौर जिले के गांव बकैना मिर्जापुर निवासी शीला देवी के बेटे मोहित का प्रथम यूपी ग्रामीण बैंक फंदेड़ी सादात में खाता था जिसमें शीला देवी नॉमिनी थीं। बचत खाते में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत मोहित का बीमा किया था जिनकी वार्षिक प्रीमियम धनराशि 12 रुपये 20 सितंबर 2018 को काटी गई थी।
15 जुलाई 2019 को मोहित की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। लिहाजा, शीला देवी ने क्लेम के लिए आवेदन किया तो 29 मई 2020 को बीमा कंपनी ने सड़क हादसे के दौरान मोहित पर ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने की बात कहते हुए क्लेम देने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद शीला देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने बैंक और बीमा कंपनी के अधिकारियों को तलब कर लिया।
विज्ञापन

बीमा कंपनी ने तर्क रखा की हादसे के समय मोहित बाइक चला रहे थे लेकिन उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था जो बीमा शर्तों का उल्लंघन है। इसके बाद उपभोक्ता फोरम ने माना कि चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था यह तर्कसंगत नहीं है। क्योंकि यह योजना मोटर व्हीकल अधिनियम के अंतर्गत नहीं बल्कि परिवार के सदस्यों की मृत्यु पर परिवार की सुरक्षा के लिए चलाई गई है। परिवार के किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता के मामले में दो लाख का कवर प्रदान करती है। इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने वाला तर्क विधिसंगत नहीं है।
एक माह में चुकानी होगी रकम
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने कंपनी को वाद दायर करने की तारीख से नौ प्रतिशत ब्याज समेत क्लेम के दो लाख रुपये देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शीला देवी की आर्थिक और मानसिक पीड़ा के लिए 15 हजार और वाद व्यय में खर्च के रूप में 10 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया है। बीमा कंपनी को यह धनराशि एक महीने के भीतर अदा करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें