अमरोहा। दीपावली का पर्व जिलेभर में सोमवार को हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। शाम होते ही आतिशबाजी का शोर शुरू हो गया। शाम के समय लोगों ने घरों में शुभ मुहूर्त में भगवान श्री गणेश और माता लक्ष्मी की आराधना की गई। इसके बाद आतिशबाजी की रंगीन घटाओं का अद्भुत नजारा देखने को मिला। दिवाली का त्योहार कारोबार जगत के लिए भी बेहतर रहा है। इस पर चार करोड़ से ज्यादा की आतिशबाजी की गई। वहीं, जनपद में लगभग छह हजार क्विंटल मिठाई की ब्रिकी हुई।
दीपावली पर रंग-बिरंगी झालरों और दीयों की रोशनी से जिला जगमगा उठा। इसकी छटा देखते ही बन रही थी। घरों और प्रतिष्ठानों पर विधिविधान से मां लक्ष्मी-गणेश की पूजा अर्चना हुई। आतिशबाजी की रंगीन छटाओं से आसमान घिर गया। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई देकर बधाइयां दीं। अनुमान के मुताबिक जिलेभर में करीब चार करोड़ के पटाखे और छह हजार क्विंटल मिठाई की बिक्री हुई है।
सोमवार की सुबह से ही लोगों में दिवाली की खुमारी नजर आने लगी थी। भक्तों ने मां लक्ष्मी-गणेश की उपासना कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। घर और दुकानों को दीपों से सजाया गया। इलेक्ट्रानिक झालरों से घरों की सजावट देखते बन रही थी। रंग-बिरंगी झालरों की जगमगाहट से शहर रोशनी से नहा उठा। पूजा के बाद शुरू हुआ आतिशबाजी का सिलसिला देर रात चलता रहा। जिले के हसनपुर, गजरौला, मंडी धनौरा, आदमपुर, डिडौली, ढबारसी, नौगांवा सादात आदि क्षेत्र में रोशनी का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। युवा और बच्चों में उत्साह नजर आया। देर रात तक दिवाली का जश्न मनाया गया।
देसी घी की मिठाइयों की रही मेवाओं से टक्कर
पिछले कुछ वर्षों में दिवाली पर मेवा की बिक्री का चलन तेजी से बढ़ा है। पहले बहुत कम लोग ही मेवा की खरीदारी करते थे लेकिन अब मेवा की बिक्री मिठाई से टक्कर लेने लगी है। यही कारण है कि मांग को देखते हुए जिले के मिठाई विक्रेताओं ने भी अपने यहां मेवा के उपहार पैक बिक्री के लिए सजाए। कन्फेक्शनरी की दुकानों पर भी मेवा के पैक की खूब मांग रही। थोक कारोबारियों मानें तो इस साल दिवाली पर करीब दो करोड़ रुपये की मेवा बिक गई।
उपहार देने की परंपरा रही
दीपावली पर उपहार देने की परंपरा लगातार रही है। इस साल भी दीपावली पर कई प्रकार के उपहारों का वितरण किया गया। इसका नतीजा यह है कि शहर ही नहीं, बल्कि जिले भर में उपहारों की दुकानें सजाई गईं। इनमें होम एपलाइंसेज सहित कई प्रकार के आइटम भी शामिल रहे।