अमरोहा। फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए वसीयत कराकर जमीन हड़पने के मामले में आगरा के रहने वाले रिटायर्ड एडीएम राधाकृष्ण की पत्नी व बेटे समेत तेरह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस आदेश मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज करके पूरे मामले की जांच करने की बात कह रही है।
ये मामला गजरौला थानाक्षेत्र के कांकाठेर का है। यहां पर दिवंगत चिरंजी का परिवार रहता है। उनकी पत्नी सोमवती का आरोप है कि उसकी सास गुड़िया को गांव में तुलिया भी कहते थे। जिनकी 18 अगस्त 2007 को मृत्यु हो गई थी। लेकिन 10 सितंबर 1994 को गांव की रहने वाली हरप्यारी, मोहरका के रहने वाले इंतजार, तिगरी के रहने वाले रामनाथ ने एक फर्जी व कूटरचित वसीयतनामा उसकी सास गुड़िया का तैयार करके 80 बीघा जमीन को 11 नवंबर 2006 को अपने नाम कर लिया लेकिन जब इसकी जानकारी उसकी गुड़िया को हुई तो उन्होंने धनौरा तहसील में आपत्ति दर्ज कर दी। लेकिन 17 अगस्त 2007 को उनकी मौत हो गई। उस समय आरोपियों ने अपनी वसीयत में गुड़िया को खड़गवंशी दिखाया था।
जबकि उसकी सास गुड़िया कुम्हार जाति से हैं। इतना ही नहीं आरोपियों ने 14 जून 2010 को बृजपाल, प्रीतम, तीर्थ ने एक फर्जी वसीयत गुड़िया की तैयार कराई और कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। जिसमें गुड़िया की जाति जाटव दिखाई गई। इसके बाद 14 जून 2010 को रामकली, बृजपाल, तीपचंद, शीला, चंद्र प्रकाश, चंद्रहास के नाम 4.800 हेक्टेयर जमीन के आधे हिस्से का फर्जी तरह से बैनामा करा लिया। इसके बाद बुद्धाराम के बेटों सुरेश चंद्र और मुकेशचंद्र ने आगरा में पृथ्वीनाथ फतेहपुर सीकरी रोड शाहगंज के रहने वाले तत्कालीन एडीएम (वर्तमान में रिटायर्ड) एडीएम राधा कृष्ण के बेटे शिवांशु सिंह और राजाराम ने एक वसीयतनामा उनकी पत्नी रेखा के नाम करा दिया। तत्कालीन एडीएम राधा कृष्ण ने बाद में उसे जमीन को अपनी पत्नी रेखा और बेटे शिवांशु सिंह के नाम करा लिया। आरोप है कि इस पूरे खेल में राधा कृष्ण मुख्य भूमिका रही है, क्योंकि वह जिले के राजस्व अधिकारी थे।
पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं की। लिहाजा उसने न्यायालय की शरण ली। इसके बाद अपर सिविल जज पंचम गिरेंद्र सिंह ने मामले में बछरायूं थाना अध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करके विवेचना करने की आदेश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक महीने विवेचना प्रगति आख्या दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सीओ अरुण कुमार ने बताया कि अभी आदेश नहीं मिला है।