डिडौली (अमरोहा)। जोया में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान हुए बवाल प्रकरण में पुलिस ने दो नामजद और 30-35 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दोनों प्रत्याशी के समर्थकों पर लॉकडाउन उल्लंघन और झगड़ा कर लोक शांति भंग करने का आरोप है। पुलिस ने एफआईआर में पथराव और फायरिंग का जिक्र नहीं किया है। फिलहाल पुलिस फोटो-वीडियो के आधार पर बवाल करने वाले आरोपियों की पहचान कर रही है।
अमरोहा जनपद में शनिवार को ब्लाक प्रमुख पद के लिए मतदान हुआ था। वोटिंग के दौरान करीब साढ़े बारह बजे कुछ उपद्रवियों ने ब्लॉक के सामने ओवरब्रिज पर पहुंचकर पांच-छह राउंड फायरिंग कर दी थी। अचानक हुई फायरिंग की घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। उपद्रवियों ने एक प्रत्याशी के समर्थकों पर पथराव भी किया था। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने जायजा लिया। इससे पहले अधिकारी कुछ समझ पाते तभी भाजपाइयों ने सपा समर्थित क्षेत्र पंचायत सदस्यों के एंट्री स्थल पर कब्जा कर लिया था। इस दौरान पुलिस के सामने ही सपा और भाजपाइयों में जमकर मारपीट हुई थी। पुलिस ने बवालियों को लाठी भांजकर खदेड़ दिया था। हालांकि फायरिंग की घटना से एसपी पूनम ने इंकार किया था।
शाम तक पुलिस ने प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं की थी। लेकिन रात्रि में करीब दो बजे पुलिस ने सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार की तहरीर पर एक एफआईआर दर्ज की। इसमें पाकबड़ा के मोहल्ला शनिवार का बाजार निवासी तबारक हुसैन और जोया के इकौंदा रोड निवासी सुनील के खिलाफ नामजद और 30-35 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस का आरोप है कि जोया ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान दोनों प्रत्याशी समर्थकों ने कोविड-19 लॉकडाउन का उल्लंघन किया। बिना मास्क सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने से कोरोना महामारी फैलने की प्रबल संभावना है। लड़-झगड़कर लोक शांति भंग की। हैरत की बात यह है पुलिस ने एफआईआर में फायरिंग और पथराव का जिक्र तक नहीं किया है। सीओ सिटी सतीश पांडेय ने बताया कि जोया प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वीडियो और फोटो से आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।