हत्या का शिकार युवक की पत्नी और साले पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कूटरचित कागजों के जरिए डी-मेट एकाउंट में नामिनी बन कर 7,91,723 रुपये हड़पने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अतरपुरा में सिद्धू कॉम्पलेक्स में रहने वाली उर्मेश सिद्धू के छोटे बेटे नितिन की बीते साल 18 दिसंबर की रात गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप नितिन के बड़े भाई सचिन सिद्धू पर है। उर्मेश के मुताबिक नितिन ने ट्रेडिंग करने के लिए अपना डी-मेट एकाउंट बना रखा था। इसके माध्यम से वह ट्रेडिंग करता था। नितिन ने बड़े भाई सचिन को नामिनी बनाया था, लेकिन नितिन की हत्या के बाद उसकी पत्नी निधि रानी सभी सामान लेकर मायके मंडी धनौरा क्षेत्र के देहरा चक चली गई थी। नितिन के तीन मोबाइल निधि के भाई दीपक के पास थे।
नितिन की शादी को तीन साल हो गए थे, लेकिन कोई संतान न होने से निधि नितिन से झगड़ा करती थी। निधि ने दो जनवरी 2024 को डी-मेट एकाउंट में नितिन की मौत को छिपा कर खुद को नितिन बनकर ऑनलाइन सचिन सिद्धू को नामिनी से हटा दिया। षड़यंत्र रचकर डी-मेट एकाउंट में जमा रकम को हड़पने के लिए स्वयं नामिनी बन गई। निधि ने भाई दीपक के साथ मिलकर 791723 रुपये हड़प लिए। मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने मृतक नितिन की पत्नी निधि रानी व उसके साले दीपक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है।
बहन-भाई पर अमानत में खयानत का केस भी
गजरौला। इस प्रकरण में दूसरा मुकदमा मृतक नितिन के पिता अरुण सिद्धू ने निधि व उसके भाई दीपक के खिलाफ दर्ज कराया है। एफआईआर के मुताबिक उनके बेटे नितिन सिद्धू ने एचडीएफसी बैंक से ऑटो लोन लेकर कार खरीदी। इसमें 1356761 रुपये का फाइनेंस कराया। जिसमें उनका बेटा लगातार किश्त जमा कर रहा था। उनके बेटे की मौत के एक महीने बाद नितिन का साला दीपक आया। निधि को मेरठ से दवा दिलाने की बात कह उनकी कार ले गया। कई दिन बाद कार वापस करने नहीं आने पर उसे फोन किया। जिस पर निधि रानी व उसके भाई दीपक ने धमकी दी कि गाड़ी वापस नहीं करेंगे। कार्रवाई करने पर जान से मरवाने की धमकी दी। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
जेल में बंद है छोटे भाई का हत्यारोपी सचिन
गजरौला। छोटे भाई नितिन सिद्धू की पिस्टल से गोली मार कर हत्या करने में नामजद उसका बड़ा भाई सचिन सिद्धू पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद की थी। उसने पिस्टल देहरादून से खरीदी थी। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि भाई का हत्यारोपी सचिन सिद्धू जेल में है।