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Amroha News: तेंदुए के शावक की लाठी-डंडों से पीटकर मारने में बाकीपुर के तीन लोगों पर एफआईआर

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नौगांवा सादात (अमरोहा)। बाकीपुर में तेंदुए के शावक की मौत के मामले में उप क्षेत्रीय वन अधिकारी ने तीन लोगों के खिलाफ लाठी-डंडे से पीटकर घायल करने के आरोप में केस दर्ज कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शावक के सिर पर चोट लगने से उसकी मौत की पुष्टि हुई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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शुक्रवार की सुबह बाकीपुर गांव में कुत्ते का शिकार करके ले जा रहे तेंदुआ को ग्रामीणों ने देखा तो उसे किसान महेश सिंह के बाजरे के खेत में घेर लिया। खेत की तलाशी लेने पर तेंदुए का जोड़ा और उनका शावक मिला। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से शावक को पकड़ लिया था। जबकि तेंदुए का जोड़ा भाग निकला था। घायल अवस्था में शावक को वन विभाग के कार्यालय लाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। शनिवार की सुबह जटी वन स्थित वन विभाग के कार्यालय पर पशु चिकित्सा अधिकारी जोया डॉ. इंद्रजीत सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी नौगांवा सादात डॉ. नरेंद्र सिंह पाल, पशु चिकित्सा अधिकारी इब्राहिमपुर डॉ. रामवीर सिंह और वन विभाग के डॉ. नासिर समेत चार सदस्य पैनल ने तेंदुए के शावक का पोस्टमार्टम किया था। इसके बाद शावक को जंगल में ही अधिकारी कर्मचारियों की मौजूदगी में जला दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत सिर में चोट लगने की वजह से होने की पुष्टि हुई थी। तेंदुए की उम्र करीब डेढ़ साल थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने छानबीन की। जिसके आधार पर उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव वर्मा की तहरीर पर बाकीपुर के रहने वाले छिद्दा, राकेश और रिंकू के खिलाफ वन जीव (संरक्षण) अधिनियम की धारा 9, 39 और 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ सतीश चंद पांडेय ने बताया कि मामले की जांच कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह लगाया आरोप
उप क्षेत्रीय वन अधिकारी राजीव वर्मा ने ग्रामीणों ने गांव के नजदीक महेश सिंह के चारे के खेत में तेंदुए को घेर रखा था। जिसकी सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बड़ी संख्या में गांव वाले शोर मचाते हुए खेत के पास मौजूद थे। तुरंत ही मौके की परिस्थितियों को देखते हुए पिंजरा लगवाया गया। इस बीच भीड़ में कुछ लोग ग्रामीणों को अग्रेषित कर रहे थे। पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने। वन विभाग की टीम ने चारे के खेत में रेस्क्यू के लिए पिंजरा लगवाया तो ग्रामीणों की भीड़ चारे के खेत के और नजदीक आ गई। तभी शोर सुनकर खेत में मौजूद तेंदुए एक-एक कर जंगल की तरफ भागे। भीड़ में मौजूद इन तीन व्यक्तियों ने मना करने के बावजूद खेत में घुसकर तेंदुए के शावक को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया, जिसकी उपचार के लिए ले जाते समय मौत हो गई थी।
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वन विभाग के उच्चाधिकारियों की फटकार के बाद दर्ज कराया केस
शावक की मौत के बाद पोस्टमार्टम करने वाली टीम में शामिल डॉ. नरेंद्र सिंह पाल ने बताया था कि तेंदुए की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई। लेकिन इसमें ये भी हो सकता है कि शावक किसी दीवार से टकरा गया हो या फिर किसी ने उसके सिर पर डंडा मार दिया हो। ये स्पष्ट नहीं था कि उसको लाठी डंडे से पीटा गया था। लिहाज वन विभाग के अधिकारियों ने भी मौत को गंभीरता से नहीं लिया। वह ग्रामीणों द्वारा पीट कर अधमरा किए जाने के मामले को दबाने में लगे थे। इसी वजह से कोई पुलिस कार्रवाई नहीं कराई गई थी। लेकिन मंडल स्तर के अधिकारियों की फटकार के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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