रायपुर खुर्द तालाब के निर्माण कार्य के दौरान नगर पालिका के निर्माण अनुभाग के वर्क एजेंट और मजदूरों को दौड़ाने के मामले में चार नामजद समेत 16 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं। इन पर हत्या की कोशिश और एससी-एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं लगी हैं। घटना के समय पालिकाकर्मी और मजदूरों ने कलक्ट्रेट में किसानों के बीच छिपकर जान बचाई थी।
अमरोहा कलक्ट्रेट के सामने रायपुर खुर्द में तालाब का सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। यह काम आजाद आलम ठेकेदार के नाम पर स्वीकृत है। सोमवार को अधिकारियों के निर्देश पर पालिका के निर्माण अनुभाग के वर्क एजेंट आलोक कुमार तालाब के कार्य की निगरानी करने पहुंचे थे। तभी बड़ी संख्या में लोगों ने उनका घेराव कर लिया। मजदूरों को काम करने से रोक दिया। वर्क एजेंट और मजदूरों से गाली-गलौज की गई थी। जान से मारने की धमकी दी थी। सरकारी काम में बाधा पहुंचाई थी। जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। आरोपियों ने वर्क एजेंट का मोबाइल छीन लिया था। वर्क एजेंट और मजदूरों को जान बचाकर भागना पड़ा।
उन्होंने कलक्ट्रेट में चल रहे किसानों के धरने में शामिल होकर जान बचाई। मामले में वर्क एजेंट आलोक ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में नगर पालिका परिषद के निर्माण अनुभाग के वर्क एजेंट आलोक कुमार की तहरीर पर कामिल, समीर, फहीम, उस्मान और 10-12 अज्ञात पुरुष में महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।