श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले ही दूूध में मिलावट की पोल खुल गई है। लखनऊ प्रयोगशाला की जांच में दूध के दो सैंपल अधोमानक आए हैं। दूध में फैट की मात्रा कम मिली है। यानी लोगाें को दूध के नाम पर पानी पिलाया जा रहा था। इस पर एडीएम कोर्ट से संबंधित पर 2.10 लाख का जुर्माना लगाया गया है। तीस दिन के अंदर जुर्माने की रकम जमा न करने पर आरसी काट दी जाएगी।
जिले में दूध में बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चल रहा है। एक के बाद एक दूध का सैंपल प्रयोगशाला की जांच में अधोमानक आ रहा है। मिलावट की पुष्टि हो रही है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। दूध के नाम पर लोगों को मीठा जहर लिया जा रहा है। ये हम नहीं कह रहे एफडीए की जांच रिपोर्ट बयां कर रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले दूध में मिलावट के मामले में एडीएम कोर्ट से 2.10 लाख के जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
गजरौला ब्लाक क्षेत्र के गांव नौनेर निवासी शौकीन पुत्र गफूर के यहां से लिया गया दूध का सैंपल प्रयोगशाला की जांच में अधोमानक आया है। दूध में फैट की मात्रा कम मिली है। इस मामले में एडीएम कोर्ट से शौकीन पर एक लाख का जुर्माना डाला गया है। वहीं दूसरी कार्रवाई भी दूूध के मामले में हुई है। पतई भूड़ स्थित डेयरी से लिया गया दूध का सैंपल में भी जांच में अधोमानक आया है।
डेयरी कर्मचारी लोकेंद्र उर्फ टौनी पुत्र करतार सिंह पर दस हजार का जुर्माना डाला गया है। वहीं डेयरी एजेंसी पर एक लाख का जुर्माना पड़ा है। एक माह के अंदर जुर्माने की रकम जमा करनी होगी। अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी ने बताया की प्रयोगशाला की जांच में दूूध के सैंपल अधोमानक आए हैं। इस मामले में संबंधित पर 2.10 लाख का जुर्माना डाला गया है। दूध में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।