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पुलिस मुठभेड़ में सुनार से लूटपाट का पांचवा आरोपी गिरफ्तार

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सुनार के साथ लूटपाट का खुलासा करने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस की पांचवें बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। बदमाश की गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। जबकि पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी, एएसपी और सीओ ने मुठभेड़ स्थल का मुआयना किया। पकड़े गए बदमाश पर मेरठ जनपद के विभिन्न थानों में छह से अधिक मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। जबकि सुनार के साथ हुई घटना के मुकदमे में उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। एसपी विनीत जायसवाल ने ग्यारह मई की सुबह दिनदहाड़े सराफा में सुनार विट्ठल राव से हुई लूटपाट का बुधवार की दोपहर करीब तीन बजे खुलासा किया था। इस दौरान गैंग के तीन मास्टरमाइंड समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा । जबकि मेरठ जनपद के हस्तिनापुर के रहने वाले सचिन और संजू वांछित चल रहे थे। एसपी ने दोनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा था। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। इसी बीच रात करीब 10 बजे पुलिस को इनपुट मिला की सचिन अपने एक साथी के साथ वासुदेव तीर्थ मंदिर की तरफ घूम रहा है। जिसके बाद पुलिस ने चेकिंग शुरू करा दी। जैसे ही पुलिस वासुदेव मंदिर से जटी वन की तरफ पहुंची, तभी बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की तरफ से अचानक हुई फायरिंग में एक गोली कांस्टेबल सुभाष के हाथ में लगी, जिससे वह घायल हो गया। जिसके बाद पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही सीओ विजय कुमार राणा, एसओजी प्रभारी अरिहंत कुमार सिद्धार्थ और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंच गई। घेराबंदी के दौरान पुलिस की एक गोली लगने के बाद बदमाश जमीन पर गिर पड़ा। जबकि उसका दूसरा साथी जंगल की तरफ भाग निकला। इस दौरान पुलिस ने घायल बदमाश और सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि मुठभेड़ में घायल हुआ बदमाश सचिन निकला, जो सुनार के साथ हुई लूटपाट का पांचवा आरोपी है। सचिन बेहद शातिर किस्म का बदमाश है। उस पर मेरठ जनपद के विभिन्न थानों में लूट, चोरी और डकैती के छह से अधिक मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। इस पर सुनार के मुकदमे में वांछित होने पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसपी के मुताबिक सुबह गिरफ्तार हुआ आसिफ को सचिन ने ही अमरोहा भेजा था। लेकिन उसे यह पता नहीं था कि आसिफ गिरफ्तार हो चुका है। सचिन जेल भेजे गए आसिफ व अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किसी दूसरी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। देर रात तक पुलिस फरार हुए बदमाश की तलाश में कांबिंग कर रही थी।
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