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Amroha News: कार्यकर्ताओं से तंग आकर मुन्नी देवी सैनी ने छोड़ दी थी भारतीय जनता पार्टी

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कार्यकर्ताओं से तंग आकर मुन्नी देवी सैनी ने छोड़ दी थी भारतीय जनता पार्टी
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मंडी धनौरा (अमरोहा)। एक दिसंबर 1995 को नगर पालिका परिषद का अध्यक्ष पद संभालने वाली मुन्नी देवी सैनी ने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के रवैए से तंग आकर भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। भाजपाइयों ने अपने टिकट पर निर्वाचित मुन्नीदेवी के इस कदम से बौखला कर तीन बार उनके अधिकार सीज करा दिए थे। हालांकि तीनों बार मुन्नीदेवी सैनी को अदालत से राहत मिली और उन्होंने अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। भाजपाइयों के रवैए का परिणाम यह हुआ कि वर्ष 2000 में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी शिवलाल सैनी को अच्छी व साफ छवि होने के बावजूद हार का मुंह देखना पड़ा था।
वर्ष 1995 में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में अध्यक्ष पद पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित था। भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षक प्रकाश सैनी की पत्नी मुन्नीदेवी सैनी को अपना प्रत्याशी बनाया था। मुन्नीदेवी सैनी ने परवीन इकबाल को पराजित कर अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा किया था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुन्नीदेवी सैनी को अपनी कठपुतली मानते हुए उन पर हुक्म चलाना शुरू कर दिया। दो साल तक मुन्नीदेवी सैनी भाजपाइयों के इशारे पर काम करती रही। जब पानी सिर से ऊपर हो गया तो उन्होंने भाजपा छोड़ दी। भाजपाइयों ने उनके खिलाफ शिकायत कर उनके अधिकार सीज करा दिए। 13 अगस्त 1998 को अध्यक्ष का चार्ज एसडीएम पर आ गया। आठ मार्च 1999 को मुन्नीदेवी अदालत से स्टे ले आई और फिर से अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गई। पांच महीने बाद फिर से मुन्नीदेवी सैनी के अधिकार सीज हो गए। 17 अगस्त 99 को अध्यक्ष का चार्ज एसडीएम पर आ गया। 11 दिन के भीतर एक बार फिर से मुन्नीदेवी ने उच्च न्यायालय की शरण ली। हाईकोट ने मुन्नीदेवी को बहाल कर दिया। 28 अगस्त 1999 से 30 नवंबर 2000 तक अध्यक्ष की कुर्सी पर रही और अपना कार्यकाल पूरा किया। नगर की पहली व पिछड़ी जाति की महिला अध्यक्ष पांच साल तक भाजपा कार्यकर्ताओं का मुकाबला करती रही। नगर में इसकी खूब चर्चा रही। इसका परिणाम यह हुआ कि वर्ष 2002 में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में साफ व अच्छी छवि होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी शिवलाल सैनी को हार का मुंह देखना पड़ा।
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मुन्नीदेवी सैनी थी पहली महिला अध्यक्ष
मुन्नीदेवी सैनी नगर पालिका परिषद की पहली महिला अध्यक्ष थी। बेहद कम पढ़ी लिखी, लेकिन जातिगत समीकरणों में फिट बैठ रही मुन्नीदेवी सैनी भाजपा प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुुई थी। इससे पहले नरेश चंद अग्रवाल नगर पालिका परिषद के चेयरमैन बने थे। वर्ष 2007 में लता सैनी अध्यक्ष पद पर रही।
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