अमरोहा। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भाकियू शंकर के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। सरकार और प्रशासन पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान कलक्ट्रेट पर एकत्र हुए। यहां नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट के बाहर पार्क में धरने पर बैठ गए। किसानों ने कहा कि पिछले आठ वर्षों से यूपी सरकार ने केवल 55 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य की वृद्धि की है। जबकि गन्ना उत्पादन में खाद, बीज, दवाइयां व मजदूरी भी दोगुनी हो गई है। गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं होने पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों में रोष व्याप्त है। निकटवर्ती राज्य हरियाणा में वहां की सरकार ने पिछले वर्ष ही 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य लागू कर दिया है। ऐसे में यूपी सरकार को गन्ना मूल्य बढ़ाने में क्या दिक्कत है।
गन्ना उत्पादन लागत को देखते हुए 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य लागू किया जाए। गन्ना मूल्य को केवल चीन उत्पादन के आधार पर ही नहीं, बल्कि इसके अन्य सह-उत्पाद जैसे एथनॉल-बिजली-कागज आदि से होने वाले लाभ को ध्यान में रखते हुए घोषित किया जाना चाहिए। देश के किसानों को एक बार फिर से कर्जा मुक्त किया जाए। जब मोदी सरकार उधोगपतियों का कर्ज माफ कर सकती है तो किसानों का कर्ज भी माफ करें। बिजली विभाग स्मार्ट विद्युत मीटरों लगाकर अधिक व गलत बिल निकालकर उपभोक्ताओं का शोषण कर रहा है। प्रशासन की ओर से अभियान चलाकर इनको तत्काल बदलवाया जाए। इसके साथ ही अमरोहा विकास प्राधिकरण व जिला सहकारी बैंक बोर्ड के गठन किया जाए। इस दौरान प्रदीप चौधरी को जिला महामंत्री और राहुल यादव को युवा जिला अध्यक्ष मुरादाबाद मनोनीत किया गया। इस दौरान सत्यपाल सिंह, नेमपाल सिंह, रामअवतार सिंह, चौधरी धर्मवीर सिंह, हरज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।
किसानों ने ये मांगे भी उठाईं
दिवाकर सिंह ने बताया कि जिले की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जाए। प्रदेश भर के किसानों की खतौनी में उनके हिस्से दर्ज करते हुए सभी तरह की त्रुटियों को सही कराया जाए। जल मिशन योजना की धीमी कार्य प्रगति को सुधारते हुए इस योजना में किए जा रहे भ्रष्टाचार की जांच कराई जानी चाहिए। अमरोहा जनपद में मजदूरों के कल्याण के लिए सहायक श्रम आयुक्त की नियुक्ति की जाए। गजरौला से हरिद्वार तक एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन कराया जाए। ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की समय सीमा को दूसरे प्रमाण पत्रों जैसे आय-जाति-निवास की तरह बढ़ाकर तीन वर्ष किया जाए। इसके साथ ही जिले की विलुप्त हो चुकी बान, सोत और बगद नदी आदि का सीमांकन कराते हुए इन्हें पुनर्जीवित कराया जाना चाहिए।
तिगरी धाम को पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग
कलक्ट्रेट के बाद धरने के दौरान किसानों ने प्रसिद्ध तिगरी गंगा धाम में गंगा रिवर फ्रंट बनाते हुए इसे पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग की। साथ ही विद्युत शवदाहगृह का निर्माण कराने के साथ गजरौला से तिगरी जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे लाइन पर ओवर ब्रिज का निर्माण कराने की आवाज उठाई है।