अमरोहा। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का गाजीपुर बॉर्डर कूच करने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। दिनभर किसानों के इक्का-दुक्का ट्रैक्टर गाजीपुर बॉर्डर के लिए निकले। ऐसे में जिला प्रशासन बेहद सतर्क दिखा। सुरक्षा के लिहाज से जोया टोल प्लाजा समेत सात स्थानों पर पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में हुई हिंसा के बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कृषि कानून वापस नहीं होने तक आंदोलन खत्म न करने की चेतावनी दी है। वहीं अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर में महापंचायत की है। सरकार ने गाजीपुर बॉर्डर से किसानों को हटाने का आदेश दिया तो राकेश टिकैत भावुक हो गए थे। इसके बाद एक बार फिर किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर का रुख कर लिया था। गुरुवार को अमरोहा जनपद के धनौरा और गजरौला क्षेत्र के हजारों किसान रवाना हुए थे। शुक्रवार को भी किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर गाजीपुर बॉर्डर के लिए निकले। ऐसे में सुरक्षा-व्यवस्था प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से जोया में टोल प्लाजा, सैदनगली, ब्रजघाट, रसूलपुर, चौधरपुर, डींगरा, बीलना सहित सात स्थानों पर पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। हालांकि पुलिस ने गाजीपुर जाते किसानों को रोकने की जहमत नहीं उठाई। वहीं स्थानीय स्तर पर विरोध-प्रदर्शन को लेकर खुफिया तंत्र की निगाहें किसान नेताओं पर टिकीं रही।